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अधिकारी ने दो साल पहले किया था 10 करोड़ का गबन, विधानसभा में मंत्री को देना था जवाब, तो 24 घंटे पहले किया निलंबित

Devendra Sharma by Devendra Sharma
March 24, 2022
Reading Time: 1 min read
भाजपा के चारों विधायकों का निलंबन रद्द : सदन में रीट पर हुई बहस


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चार साल में अनियमितता पर अकाउंट सर्विस के 9 अधिकारियों के विरूद्ध FIR, एक निलंबित
विधानसभा में विधायक राजवी के प्रश्न के जवाब में मंत्री धारीवाल ने दी जानकारी

जयपुर(एआर लाइव न्यूज) । संसदीय कार्य मंत्री शांती धारीवाल ने गुरूवार को विधानसभा मे वित्तमंत्री की ओर से बताया कि राजस्थान लेखा सेवा (अकाउंट सर्विस) अधिकारियों के विरूद्ध वर्ष 2018 से जनवरी 2022 तक अनियमितता के मामले में 9 अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज है तथा एक अधिकारी को निलम्बित कर दिया गया है।

धारीवाल ने प्रश्नकाल में विधायक द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि अनियमितता के मामले सामने आने पर राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। एक अधिकारी उम्मेद सिंह को एक दिन पहले ही निलम्बित किया गया है। उन्होंने बताया कि उम्मेद सिंह के विरूद्ध तीन प्रकरण में 16 सीसीए के तहत जांच चल रही है तथा एक प्रकरण में गबन का आरोप है, जिसमें एफआईआर दर्ज की गई है। धारीवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अधिकारी के विरूद्ध चल रही 16 सीसीए की जांच पूरी होने व निर्णय आने के बाद ही वसूली व निलम्बन की कार्यवाही की जा सकती है।

गबन के आरोप में 2020 में 16 सीसीए का नोटिस दिया गया था

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धारीवाल ने बताया कि मामला 56 लाख के गबन का ही नहीं है, एक मामले में तो 10 करोड़ से भी अधिक राशि का गबन करने का संगीन मामला है। उन्होंने बताया कि अधिकारी के विरूद्ध वर्ष 2020 में 16 सीसीए का मामला दर्ज किया गया और अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई, लेकिन मेरे द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिये जाने पर कल एक अधिकारी को निलम्बित किया गया है।

प्रकरण अपराधी प्रवृति का है

धारीवाल ने बताया कि यह प्रकरण अपराधी प्रवृति का है और इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जाती है। इस मामले में अन्वेषण के बाद ही राज्य सरकार चालान की स्वीकृति देती है। न्यायालयों में अभियोजन स्वीकृत होने के पश्चात दोषी ठहराये जाने पर ही नियमानुसार निलम्बन की कार्यवाही होती है। अब मामला एसीबी में और यह भी सही है कि एसीबी में समय लगता है।

इससे पहले विधायक नरपतसिंह राजवी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में धारीवाल ने बताया कि राजस्थान लेखा सेवा अधिकारियों के विरूद्ध अनियमितता के मामले जनवरी, 2018 से जनवरी 2022 तक 10 मामले सामने आये है। अंकित अधिकारियों में से 9 अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज है। उन्होंने कहा कि उक्त अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण विभागीय जांच में अथवा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के स्तर पर विचाराधीन है। तीन प्रकरण अभियोजन स्वीकृति हेतु कार्मिक विभाग में प्रक्रियाधीन है। प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा अथवा कार्मिक विभाग द्वारा अंतिम निर्णय होने के पश्चात् कार्यवाही की जायेगी।

Tags: account service corruptionCM Ashok Gehlotrajasthan vidhansabhashanti dhariwal

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