जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने बुधवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत में बातों ही बातों मेें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बड़ा पलटवार कर दिया।
राजधानी जयपुर की महारानी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने आए सचिन पायलट ने वैभव गहलोत पर महाराष्ट्र में लगे आरोप से जुड़े सवाल पर कहा कि वैभव इस मामले में स्पष्टीकरण दे चुके है। इसके अलावा इस पर मुझे कुछ नहीं कहना, लेकिन पांच साल तक वैभव मेरे साथ मेरी कमेटी में महासचिव थे, और जब मैं प्रदेशाध्यक्ष था और सरकार हमारी कांग्रेस की बनी और 2019 में जब लोकसभा के चुनाव थे। उस समय वैभव गहलोत ने लोकसभा का चुनाव लडऩे जोधपुर से दावेदारी की थी। उस समय जो कांग्रेस नेतृत्व था वो बहुत ज्यादा इस पक्ष में नहीं था कि वैभव को चुनाव में उतारा जाए। क्योंकि वैभव मुख्यमंत्री के बेटे है, लेकिन उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, मुझे लगा कि मुझे उसकी (वैभव) पैरवी करनी चाहिए|
मैं नहीं चाहता था कि मेरे अध्यक्ष रहते हुए गहलोत के मनोबल को ठेस लगे

पायलट ने कहा कि सिंगल नाम आया था और वैभव मौजूदा मुख्यमंत्री के बेटे है। उसके बावजूद आलाकमान बहुत ज्यादा इस पक्ष में नहीं थे|उस वक्त मैन वैभव की पैरवी की और राहुल जी और सोनियाजी को कहा कि मेरी कार्यकारिणी में काम किया है तो मैं समझता हुं कि एक मौका मिलना चाहिए। पहले भी वैभव ने दावेदारी की थी लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। पायलट ने कहा कि उस समय अशोक जी नए नए मुख्यमंत्री बने थे और मैं नहीं चाहता था कि मेरे अध्यक्ष रहते हुए उनके मनोबल को ठेस लगे। इस कारण मैने वैभव के लिए पूरी पैरवी की। हालांकि वैभव चुनाव लड़े और हम बड़े अंतर से चुनाव हारे। दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में कमलनाथ के बेटे को टिकट दिया था वो चुनाव जीत गए थे।
कहीं,गहलोत के इस बयान का काउंटर तो नहीं मारा पायलट ने

पिछले दिनों ही अशोक गहलोत ने यह बयान दिया था कि उन्होंने ही सचिन पायलट को केंद्र में मंत्री बनवाया था। गहलोत ने कहा था कि 2009 में उनके मुख्यमंत्री रहते हुए राजस्थान में 25 में से 20 सांसद कांग्रेस के बने थे, तो सचिन पायलट को केंद्र में मंत्री बनाने के लिए उन्होंने ही कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को कहा था। ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि पायलट का यह बयान मुख्यमंत्री गहलोत के उस बयान का जवाब है|


