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कैबिनेट की बैठक में हुए कई निर्णय : रीट की वैधता अब आजीवन

Devendra Sharma by Devendra Sharma
March 12, 2022
Reading Time: 1 min read
कैबिनेट बैठक : संविदा नियुक्ति के लिए गहलोत सरकार ने लिया बड़ा फैसला


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प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए होगी प्रतियोगी परीक्षा

भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए में संशोधन को मंजूरी

8 शहरों की पेयजल योजनाएं जलदाय विभाग को हस्तांतरित

जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए में संशोधन, रीट परीक्षा की वैधता आजीवन रखने, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम सेे किए जाने, 8 शहरों की पेयजल योजनाओं को नगरीय निकाय से पुनः जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हस्तातंरित करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए।

कैबिनेट ने निर्णय किया कि प्रदेश में राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा ‘रीट’ की वैधता अब आजीवन रहेगी। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक अध्यापक पद की सीधी भर्ती की प्रक्रिया और पद्धति निर्धारण के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 को संशोधित करने का निर्णय किया है। इस निर्णय से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक के पद पर चयन प्राधिकृत अभिकरण द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर प्राप्तांकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अब तक यह चयन रीट के प्राप्तांकों के आधार पर किया जाता था। 

भू राजस्व अधिनियम की उपधारा में संशोधन 

राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए की उपधारा 8 में संशोधन को स्वीकृति दी है। इससे 17 जून 1999 के बाद शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि पर आवास बनाकर रह रहे एवं आजीविका अर्जित कर रहे आमजन को बड़ी राहत मिल सकेगी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए की उप धारा 8 में 17 जून, 1999 से पूर्व शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि का अकृषि उपयोग के लिए संपरिवर्तन किए जाने का प्रावधान है। लेकिन विगत दो दशकों में सामाजिक एवं आर्थिक वृद्धि सहित अन्य कारणों से नगरीय क्षेत्रों में तेजी से शहरीकरण हुआ है एवं कृषि भूमि पर विभिन्न अकृषि गतिविधियां विकसित हुई हैं, लेकिन इस तिथि के बाद की कृषि भूमि का संपरिवर्तन नहीं हो पा रहा है। ऎसे में इस प्रकार की भूमि पर आवास बनाकर एवं आजीविका अर्जित कर रहे आम जन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से संपरिवर्तन को सुगम बनाना आवश्यक है। इसके लिए 17 जून 1999 के स्थान पर इस तिथि को 31 दिसम्बर 2021 किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। गृह निर्माण सहकारी समितियों के द्वारा 16 जून 1999 के पश्चात जारी पट्टे या भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों पर यह उप धारा लागू नहीं होगी।

कृषि भूमि के अकृषि में अनाधिकृत उपयोग को रोकने समिति बनेगी

भविष्य में शहरों के सुनियोजित विकास के लिए कृषि भूमि के अकृषि में अनाधिकृत उपयोग को रोकने के लिए एक पृथक से समिति गठित की जाएगी। यह समिति शहरीकरण के साथ ही सुनियोजित विकास में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण के लिए भी सुझाव देगी।

ये बड़े निर्णय भी हुए 

– राज्य के 8 शहरों श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बूंदी, नागौर, करौली, नाथद्वारा, चौमूं एवं नोखा की पेयजल योजनाओं को नगरीय निकाय से पुनः जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हस्तातंरित करने की मंजूरी दी गई।  ग्रामीण क्षेत्रों में जनता जल योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का समग्र रूप से परीक्षण करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।

– ईसरदा बांध पेयजल परियोजना के डूब क्षेत्र के गांवों में राजकीय भूमि पर बनी परिसंपत्तियों तथा भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन अधिनियम-2013 की अनुसूची-2 के तहत आर एण्ड आर पैकेज के लिए 6 करोड़ 91 लाख 32 हजार 387 रूपये की एक्सग्रेशिया राशि के भुगतान को स्वीकृति दी गई।
–  हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर (संशोधन) विधेयक-2022 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। बैठक में निजी क्षेत्र में सौरभ विश्वविद्यालय, हिण्डौन सिटी (करौली) विधेयक-2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

– कैबिनेट ने राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में सेवारत फार्मासिस्टों के चार स्तरीय पदोन्नति (कैडर गठन के लिए) राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियम-1963 तथा राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 (यथा संशोधित) में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे फार्मासिस्ट कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर मिल सकेंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता भी बेहतर होगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में फार्मासिस्टों की पदोन्नति के लिए कैडर नहीं है।
– मंत्रिमंडल ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम-1965 में संशोधन कर नर्स ग्रेड द्वितीय का पदनाम नर्सिंग ऑफिसर तथा नर्स ग्रेड प्रथम का पदनाम सीनियर नर्सिंग ऑफिसर करने का निर्णय किया है। 
– मंत्रिमंडल ने राजस्थान नगर पालिका सेवा की प्रशासनिक एवं तकनीकी सेवाओं पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने के लिए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2019 में संशोधन को मंजूरी दी है। इस निर्णय से इन पदों पर होने वाली भर्ती की प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपादित किया जा सकेगा। 

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