मंत्री ने पूरानी याद ताजा कर दी, पक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने लगाए ठहाके
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह के एक बयान से खूब ठहाकें लगे। न तो सत्ता पक्ष के कई विधायक अपनी हंसी रोक पाए न विपक्षी विधायक।
हुआ यूं कि मावली विधायक धर्मनारायण जोशी ने महाराणा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के विकास का मामला उठाया। इसके जवाब में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पिछले पांच वर्षों में मेवाड़ कॉम्पलेक्स योजना के दूसरे चरण में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने जो जानकारी दी उसमें यह साफ हुआ कि पीछले तीन साल में महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों के विकास के नाम पर कुछ भी खर्चा नहीं हुआ।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पूरक प्रश्न के रूप में मंत्री से सवाल किया कि खर्च के आंकड़ों को देखने के बाद आपको अहसास हुआ क्या कि डिपार्टमेंट कवर्किंग कैसी है?। कटारिया के सवाल पर पर्यटन मंत्री ने जवाब दिया कि मैं निवेदन करना चाहूंगा कि इसमें हम गति ला रहे है। मैं एक वर्ष की छुट्टी पर गया था। इसलिए मुख्यमंत्री जी के पास चार्ज था। अब वापस आ गया हूं तो निश्चित रूप से आपके आदेश की पालना होगी। पर्यटन मंत्री के इस बयान पर सदन में पक्ष-विपक्ष के कई विधायक अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
प्रताप से जुड़े स्थलों की भूमी पर नहीं है अवैध कब्जे : पर्यटन मंत्री

धर्मनारायण जोशी के सवाल पर पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर और राजसमंद में महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों की किसी भी भूमि पर कोई अवैध कब्जा नहीं है। हालांकि जोशी ने तर्क दिया कि कुंभलगढ़ में ही चारों तरफ कई कब्जे हो चुके है। वहां निर्माण भी हो चुके है।


