दक्षिणी राजस्थान के बेरोजगारों की सरकार को राय
नीति गोपेंद्र भट्ट,नई दिल्ली(एआर लाइव न्यूज)। दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्र के बेरोजगारों ने सरकार को एक अच्छी राय दी है कि प्राकृतिक आपदा,फसल, खराबा और दुर्घटना में मुआवजा दिया जाता है उसी तरह परीक्षाएं निरस्त होने पर बेरोजगारों को भी मानसिक संताप एवं आर्थिक हर्जाना के रूप में मुआवजा दिया जाना चाहिये।
बेरोजगारों को मुआवजा देने के इस सुझाव के रूप में समानता मंच डूंगरपुर ने पत्रकार वार्ता मेंं सरकार को यह राय दी है। मंच के संयोजक दिग्विजय सिंह चुंडावत ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र के युवाओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कई युवाओं को कर्जा लेकर राजस्थान में हाल ही निरस्त की गई रीट परीक्षा के लिए फीस जमा की और कोचिंग पर भी काफी पैसा खर्च किया। इसी बीच हाल ही में राज्य सरकार ने रीट परीक्षा में गड़बड़ी होने पर रीट लेवल-2 की परीक्षा रद्द कर दी। इससे लाखों युवाओं के सपनों पर आघात लगा है।

ऐसे में टीएसपी क्षेत्र के 15500 युवाओं के मानसिक संताप एवं आर्थिक हर्जाना के रूप में विद्यार्थियों को 25000 एक मुश्त व आगामी रीट परीक्षा होने तक प्रत्येक विद्यार्थी को 3000 रू प्रति माह सहायता शुल्क दी जाए। जिसे वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके । राज्य सरकार ने हाल ही कई भर्ती प्रक्रिया द्वारा बेरोजगारों से 200 करोड़ की कमाई की हैं उस पैसे को वापस बेरोजगारों को दिया जाए।
विधायकों के सामने भी रखेंगे बात

समानता मंच का प्रतिनिधिमंडल इस मामले मेंं जयपुर में टीएसपी क्षेत्र के विधायकों से मुलाकात भी करेगा। सामाजिक संगठनों को भी साथ लेकर इस मांग को मजबूत किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो समानता मंच इस मांग को लेकर आंदोलन भी कर सकता है।


