निलंबित भाजपा के चारों विधायक पहुंच गए सदन में, मच गया बवाल
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। बजट सत्र के लिए विधानसभा से निलंबित किए गए भाजपा के चार विधायकों के भी शुक्रवार को सदन में आने से बवाल मच गया। भाजपा विधायक रामलाल शर्मा, मदन दिलावर, अविनाश गहलोत और चंद्रभान आक्या को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया था।
निलंबित किए गए चारों विधायकों के सदन में आने पर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष से इनको बाहर निकालने की मांग की। हंगामे और नारेबाजी के बीच बार-बार कहने के बावजूद भाजपा विधायको द्वारा विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी की बात नहीं मानने पर जोशी ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का नाम लेते हुए कहा कि मुझे बड़े दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कटारिया साहब, मैने कल विश्वास किया था आप पर, और मैने कहा था आपके निलंबित सदस्य “ना-पक्ष” लॉबी में आकर बैठेंगे। लेकिन सदन से निकाले गए सदस्यों के साथ सदन में बैठकर आप इस तरह का काम करें, यह मैने कभी भी अपेक्षा नहीं की थी।

विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से कहा कि अभी भी आपसे अपील करना चाहता हुं, जिन चार सदस्यो को कल बाहर निकाला गया था, वो “ना-पक्ष” की लॉबी में जाकर बैठे, फिर आइए मेरे चैम्बर में जो बात करनी है, वो बात करेंगे। मैं आपकी सब बात सुनुंगा। लेकिन अभी नहीं सुनुंगा, जब तक चार सदस्य ना-पक्ष की लॉबी में जाकर नहीं बैठ जाते। जोशी ने कहा कटारिया जी आप सबसे सीनियर व्यक्ति है। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद चर्चा होती है। लेकिन आप चाहते प्रश्रकाल भी समाप्त नहीं हो और चर्चा भी हो।
जोशी ने राठौड़ से कहा, आप मुझे संसदीय परंपरा का ज्ञान मत दो

सीपी जोशी ने बगैर सवाल पूछे मंत्रियों से जवाब दिलवाना शुरू किया तो भाजपा विधायकों ने विरोध किया। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंंद्र राठौड़ ने तर्क दिया कि यह संसदीय परंपरा अनुकुल नहीं है। इस पर सीपी जोशी ने राठौड़ से कहा कि संसदीय परंपराओं का आप मुझे ज्ञान दे रहे है?। संसदीय परंपराओं का उल्लंघन करने का सबसे बड़ा श्रेय किसी को जाता है तो वह राजेंद्र राठौड़ को जाता है, जो उप नेता बनकर यहां लोगोंं (विधायकों) से हल्ला करवा रहे है।
आप निलबित चारों सदस्यों को सदन से बाहर रखकर सदन में आते तो संसदीय परंपरा होती। यह परंपरा नहीं होती है कि आप सदन से निलंबित सदस्यों को भी साथ लेकर अंदर आ जाओ। आज जो सदन में हुआ है यह इतिहास में लिखा जाएगा। आप विरोध कर सकते है, लेकिन आपके सदस्यों को सदन से बाहर निकाला है तो यह तरीका नहीं होता है कि उनको अंदर लाने के लिए आप इस तरह की अव्यवस्था करे।
कटारिया, राठौड़ बोले : हमारे चार साथियों का निलंबन रद्द करो

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि हमारे चार साथियों का जो निलंबन हुआ उसमें एक पक्ष को नहीं देखना चाहिए। हमारे सदस्यों के साथ कुछ मंत्रियों ने गाली गलौच की, मगर बहुमत के आधार पर उनका निलंबन किया गया वह रद्द किया जाए। उन चारों को सदन से बाहर बैठाकर हम सदन की कार्यवाही में भाग लेने में असमर्थ रहेंगे।
कटारिया ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि अगर आपने नियमों के तहत उनको बाहर निकाला तो वह आपका अधिकार है। मैं उसके लिए ना नहीं करता, लेकिन उस घटना के साथ जो घटना हुई उनको भी ध्यान में रखकर हम निर्णय करेंगे तो निर्णय व्यवहारिक होगा। जब तक उन लोगों के बारे में फैसला नहीं होगा, तब तक हमारा आना और यहां रहना संभव नहीं है।


