उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मस्तिष्क की हड्डी के कारण नसों पर बने दबाव से युवती अपंग हो गई थी। इसे बेडवास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के न्यूरो सर्जरी विभाग में निशुल्क ऑपरेशन करके दूर किया गया।
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि बांसवाड़ा निवासी 30 वर्षीय महिला पिछले दो साल से चलने फिरने में परेशान थी। उन्हें दैनिक कार्य और खाना खाने में भी दिक्कत थी। यहां तक की मुठ्ठी भी बंद नहीं कर पा रही थी। ऐसी हालत में परिजन उन्हें कई जगह ले गए, लेकिन इलाज नहीं मिला। इस पर उन्हें यहां बेडवास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पीटल में न्यूरो सर्जन डॉ. सुमित दवे के पास लेकर पहुंचे।
एमआरआई में पाया गया कि मस्तिष्क की हड्डी अंदर धंस गई थी जो स्पाइनल कोड के शुरूआत में दबाव बना रही थी। इससे सर्वाइकल स्पाइनल कोड में पानी का बहाव में रूकावट हो गई थी और पानी भरने लगा था। इससे उनके नस भी पतली हो गई थी। इन सभी के कारण उन्हें यह परेषानी हो रही थी। इसे मेडिकल साइंस में क्रेनियोवर्टिब्रल एनामेली कहा जाता है।
यहां रोगी महिला का भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में निशुल्क ऑपरेशन किया गया। इस दौरान हड्डी को हटाकर स्पाइन की परतो को खोलकर टांके लगाए गए। ऑपरेशन के बाद नसों से दबाव हटते ही मरीज के दो साल से काम करना बंद किए अंगों में जान लौट आई। उन्हें चलते फिरते डिस्चार्ज किया गया। ऑपरेशन में न्यूरो सर्जन डॉ. सुमित दवे, निश्चेतना विभाग से डॉ. पीयूष गर्ग मौजूद रहे।


