गर्दन पर कट लगने से बाल बाल बचा युवक
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राज्य सरकार और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद उदयपुर शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री और पतंग उड़ाने के लिए इस जानलेवा मांझे का उपयोग खुले आम हो रहा है। सुखाडिय़ा सर्कल के पास इसी चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 33 वर्षीय बडग़ांव निवासी लोकेश शर्मा का हाथ कट गया। घाव इतना गंभीर था कि डॉक्टर की टीम को आठ टांके लेने पड़े। लोकेश शर्मा बुधवार शाम करीब 4.30 बजे बाइक लेकर पंचवटी की तरफ से बडग़ांव जा रहा था।इसी दौरान सुखाडिय़ा सर्कल के पास (बिग बाजार वाली रोड के नुक्कड़ के पास) अचानक चाइनीज मांझा लोकेश से आकर टकराया।
लोकेश ने बताया कि उसने तत्काल हाथ आगे कर मांंझे को गर्दन से दूर किया इससे उसकी गर्दन बच गई, लेकिन हाथ पर गहरा घाव हो गया और अस्पताल में आठ टांके लगवाने पड़े।
न तो चाइनीज मांझे की बिक्री बंद हुई हैं न इसका उपयोग बंद हुआ

लोकेश पिता लक्ष्मण शर्मा ने इस बात पर हैरानी जताई हैं कि एक तरफ सरकार और प्रशासन चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध और इसकी बिक्री पर कारवाई के दावे करते हैं, लेकिन न तो चाइनीज मांझे की बिक्री बंद हुई हैं न इसका उपयोग बंद हुआ हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही हैं कि मकर सक्रांति पर किसी ने पतंग उठाई होगी और पतंग कटने के बाद चाइनीज मांझा पेड़ों के सहारे सड़क पर ही लटक गया।
सुखाडिय़ा सर्कल और सिटी रेलवे स्टेशन के सामने रोजाना उड़ाते हैं पतंंग

शहर के जागरूक नागरिक प्रशांत भंडारी ने भी ऐसी घटना पर चिंता जताई हैं। भंडारी ने बताया कि सुखाडिय़ा सर्कल पर सड़क किनारे और पार्कों मेें डेरा डालकर बैठे परिवारों के बच्चे आए दिन पतंगे उड़ाते रहते हैं। हो सकता हैं कि वे चाइनीज मांझे को उपयोग में ले रहे हो।
सिटी रेलवे स्टेशन के सामने कच्ची बस्ती में रहने वाले कई बच्चें और युवक भी सड़क किनारे पतंगे उड़ाते हैं। आशंका यह हैं कि वो लोग भी चाइनीज मांझे का उपयोग करतें होंगे। इससे यहां भी कभी भी कोई वाहन चालक चाइनीज मांझे की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो सकता हैं। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम को इस पर चिंता करनी चाहिए।


