उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गले और चेहरे पर सूजन और गठान लेकर पिछले दिनों जीबीएच जनरल हॉस्पीटल में पहुंची महिला की जांच में उन्हें कीम्यूरा डिसीज पाई गई। डॉक्टर्स के अनुसार यह प्रदेष का संभवतः पहला मामला है, क्योंकि 1937 से अब तक इस डिसीज के मात्र दो सौ केस पाए गए हैं। महिला पूरी तरह स्वस्थ है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि पिछले दिनों जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के मेडिसिन ओपीडी में एक महिला को परिजन लेकर पहुंचे थे। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र गोयल को परिजनों ने बताया कि महिला के गले में गठान है और चेहरे व गले में सूजन आ रही है।
इस पर महिला को भर्ती किया गया और विभिन्न जांचों के बीच महिला के गठान से द्रव्य लेकर जांच कराई गई। इसमें इन्हें कीम्यूरा डिसीज पाई गई। इस पर महिला का डॉ. वीरेंद्र गोयल के नेतृत्व में डॉ. जीतेष अग्रवाल, डॉ. हरबीर छाबड़ा और मेडिसिन विभाग की टीम ने इस डिसीज का उपचार किया गया और पूरी तरह रोग मुक्त कर डिस्चार्ज कर दिया गया।
केस मेडिकल जर्नल में प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा
डॉ. वीरेंद्र गोयल ने बताया कि इस डिसीज का पहला रोगी 1937 में पाया गया था। उसके बाद से अब तक इस बीमारी के मात्र दो सौ रोगी पूरे विश्व में पाए गए गए है। आमतौर पर जो मरीज पाए गए है उनमें से आमतौर पर 30 से 40 ववर्ष के पुरूषों में यह रोग पाया गया है। महिला में अमूमन गिनती के मामले सामने आए हैं, इसमें से यह 45 वर्षीय महिला में यह रोग पाया गया है।
डॉ. वीरेंद्र गोयल ने बताया कि इस महिला के रोग के लक्षण, जांच रिपोर्ट और उपचार के तरीके को मेडिकल जर्नल में प्रकाशन के लिए भेजा गया है। साथ ही डब्ल्यूएचओ को भी यह केस चिन्हित करने के लिए लिखा गया है।


