उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गले में हुई कैंसर की गांठ की बेडवास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के नाक, कान, गला विभाग में जटिल सर्जरी संभव हुई है। इस तरह की सर्जरी में दिल और दिमाग को जोड़ने वाली धमनी को बचाते हुए गांठ निकालना मायना रखता है। अब यह केस जनरल में प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा।
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि मंदसौर निवासी संगीता (47) को गले में कैंसर की गांठ थी। उन्हें परिजन मध्यप्रदेश और अन्य कई अस्पताल ले गए लेकिन कैंसर की गांठ ह्दय और दिमाग को रक्तसंचार करने वाली केरोटिड आर्टरी से चिपकी होने से ऑपरेशन नहीं कर पा रहे थे। इधर, मरीज को खाना खाने, पानी पीने और बोलने में भी दिक्कत हो रही थी।
इस पर परिजन उन्हें जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के ईएनटी सर्जन डॉ. कनिष्क मेहता के पास लेकर पहुंचे। यहां रिपोर्ट के बाद डॉ. कनिष्क मेहता ने ईएनटी और निष्चेतना विभाग की टीम का गठन किया और ऑपरेशन कर कैंसरग्रस्त गांठ हटाई।
डॉ. कनिष्क मेहता के अनुसार इस तरह की गांठ डब्ल्यूएचओ के अनुसार एक लाख में से एक मरीज में होती है। कम पाए जाने वाली इस तरह की गांठ को हटाने में जटिलता थी कि एक मिमी भी चूक होने पर दिमाग और ह्दय को रक्तसंचार देने वाली धमनी कटने और मरीज की जान पर बन आने का भी खतरा था। इस ऑपरेशन में एक ही बार में पूरी कैंसरग्रस्त गांठ को निकाल दिया गया और मरीज को ऑपरेशन के तीसरे दिन डिस्चार्ज भी कर दिया गया।


