: व्यवसायी के छोटे भाई से परिचय कर जाना फैमिली बैकग्राउंड
: छोटे भाई का अपहरण होने वाला था, आसान टारगेट होने पर अपहरणकर्ता बड़े भाई राहुल को उठा ले गए
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के अंबामाता क्षेत्र से पांच दिन पूर्व अपह्रत हुए मार्बल व्यवसायी राहुल माखिजा को उदयपुर पुलिस ने इंदौर के एक मकान में दबिश देकर छुड़ा लिया है और 5 अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है। मार्बल व्यवसायी युवक तक पहुंचने में पुलिस के सामने कई मुश्किलें भी आईं और जांच के हर मोड़ पर ट्विस्ट भी आए। अपहरण करने वाला मुख्य आरोपी अनुराग मध्यप्रदेश के नीमच में कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर का पुत्र है।
एसपी मनोज चौधरी ने बताया कि अपहरणकर्ता और फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी नीमच, एमपी निवासी अनुराग (26) पुत्र राजकुमार अहीर, इसके सहयोगी विपुल (26) पुत्र सुशील अजमेरा जैन, माधव (20) पुत्र सतीश बंसल अग्रवाल, मोहित उर्फ बिट्टु (28) पुत्र संतोष यादव, इंदौर निवासी सन्तोष यादव (50) पुत्र रामराज यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इनके चुंगल से मार्बल व्यवसायी युवक राहुल माखिजा पुत्र नंदलाल माखिजा को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है।
मुख्य अभियुक्त अनुराग उदयपुर में काट रहा था फरारी

मुख्य आरोपी अनुराग के खिलाफ नीमच में भी अपहरण का एक मुकदमा चल रहा था। इस केस से बचने के लिए अनुराग नीमच से भागकर उदयपुर आ गया था और यहां के होटलों में रहकर फरारी काट रहा था। नीमच में एक पत्रकार का अपहरण करने के मामले में एमपी पुलिस ने अनुराग पर 5000 रूपए का ईनाम भी घोषित किया हुआ था।
व्यवसायी के छोटे भाई को सबक सिखाने किया अपहरण

फरारी के दौरान उदयपुर के होटलों में आते-जाते अनुराग का परिचय मार्बल व्यवसायी राहुल के छोटे भाई कविश से हुआ। दोनों में अच्छा परिचय और बातचीत होने लगी। इसी दौरान अनुराग ने कविश का पूरा फैमिली बैकग्राउंड पता कर लिया। अनुराग को पता था कि कविश के पिता और भाई मार्बल व्यवसायी हैं और इनसे अच्छी-खासी रकम प्राप्त हो सकती है।
कुछ दिन पहले अनुराग और कविश का किसी बात पर झगड़ा हो गया, इसके बाद कविश ने अनुराग से बातचीत बंद कर दी। लेकिन अनुराग ने कविश को सबक सिखाने और उसके परिवार से अच्छी-खासी रकम वसूलने के लिए अपहरण की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने दोस्तों को भी बुला लिया।
आरोपियों ने क्राइम पेट्रोल देखकर की प्लानिंग
पुलिस ने बताया कि अपहरण से पहले आरोपियों ने क्राइम पेट्रोल के एपीसोड कई बार देखे। पुलिस से बचने के लिए अपहरण में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इन पर गौर किया। अपहरण के लिए एक स्कूटी भी चोरी की। इसके बाद कविश और उसके भाई राहुल माखिजा की रैकी की। पहले तो आरोपी कविश का अपहरण करने वाले थे, लेकिन रैकी में देखा कि कविश के बड़े भाई राहुल माखिजा को आसानी से टारगेट कर सकते हैं, तो उसका घर से ऑफिस जाने के रास्ते में अपहरण किया।
सीसीटीवी कैमरे से पहचान हुई तो पुलिस को मिला पहला सुराग
युवक के अपहरण और 80 लाख की फिरौती मामले में पुलिस के पास आरोपियों का कोई सुराग नहीं था। इस पर पुलिस ने शहरभर के सभी संभावित सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए। सीसीटीवी कैमरों से आरोपियों की गाड़ी का पीछा करते-करते पुलिस उदयपुर के उस होटल तक पहुंची जहां बदमाशों ने रूककर खाना खाया था। वहां से आरोपियों के हुलिए लेकर पुलिस ने घर वालों को दिखाए तो अपह्रत युवक राहुल के छोटे भाई कविश ने अनुराग को पहचान लिया। इसके बाद पुलिस को आगे से आगे सुराग मिलते गए।
उदयपुर में पकड़े जाने के डर से आरोपी राहुल के हाथ-पैर बांधकर और आंखों में पट्टी बांधकर उसे इंदौर ले गए और एक घर में बंद कर पटक दिया था। पुलिस आरोपियों का पीछा करते करते रविवार शाम तक उस घर तक पहुंच गयी, जहां राहुल माखिजा को बंधक बनाकर रखा था। वहां पुलिस ने राहुल माखिजा को छुड़ाया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


