जलसंसाधन मंत्री ने अधिकारियों से कहा, तालमेल रख इसे मूर्त रूप दे
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। जलसंसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीया ने कहा हैं कि बरसाती पानी को कैसे रोककर उसका सदुपयोग हो सबसे ज्यादा ध्यान इस पर देने की जरूरत हैं। देवास थर्ड और फोर्थ भी एक महत्वपूर्ण योजना हैं जलदाय और जलसंसाधन विभाग के अधिकारी आपसी तालमैल रखते हुए इस योजना को भी मूर्त रूप देने सक्रियता दिखाए।
मालवीया ने गुरुवार को चेतक सर्कल क्षेत्र में मोहता पार्क के पास स्थित जलसंसाधन विभाग कार्यालय में संभाग स्तरीय बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बांधों पर फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जा सकती है। इसी प्रकार पुराने बांधों की मिट्टी को निकाल कर इसे ट्रीटमेंट करते हुए खाद की तरह उपयोग में लिया जा सकता है। इसके पायलट प्रोजेक्ट तैयार करे।
माही बांध की सौगात देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी व माही की नहरों का शुभारंभ करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी प्रतिमा लगाई जाएगी। डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर एवं जलदाय मंत्री के सलाहकार केडी सांदू, अतिरिक्त मुख्य अभियंता भुवन भास्कर और एसई ऋषभ जैन भी मौजूद थे।
किसान को जब जरूरत हो तब नहरों से पानी दिया जाए

मालवीया ने अधिकारियों से कहा कि किसान को जब जरूरत हो तब नहरों से पानी दिया जाए। हम पुरानी परिपाटी से बंधे हैं, जब नहरों से पानी छोड़ा जाता है तो टेल तक पानी पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो जाती है। हमें पूरानी परिपाटी बदलनी होगी। अभियंता लाईनिंग के काम का बहाना नहीं कर आवश्यकता अनुसार किसान को पानी उपलब्ध करवाए।
माही पर दो केनाल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता
मालवीया ने कहा कि माही पर दो केनाल बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। 800 करोड़ लागत की केनाल पीपलखूंट से निकलकर जाखम के डाउन स्ट्रीम में नागलिया डेम तक पानी आएगा, जो वर्तमान में जाखम के पानी की सिंचित क्षेत्र है वो इस नई केनाल से होगा। शेष संरक्षित पानी को अन्य उपयोग में लिया जाएगा। अपर हाई लेवल केनाल जिससे गांगड़ तलाई क्षेत्र व सज्जनगढ़ क्षेत्र पानी पी रहा है और कुछ क्षेत्र बांसवाड़ा का व 11 पंचायते आनंदपुरी की लाभान्वित होगी। इस पर करीब 1600 करोड़ का व्यय होगा।


