सीएम अशोक गहलोत ने की घोषणा
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहीद हुए प्रदेश के सशस्त्र सेनाओं के अधिकारियों-जवानों के आश्रितों के परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति के प्रावधान में 31 दिसंबर,1971 तक के शहीदों के आश्रितों को भी शामिल करने की घोषणा की। सीएम ने शहीदों के आश्रितों की श्रेणी में शहीद की पुत्री के पुत्र एवं पुत्री (नवासा-नवासी), दत्तक नवासा-नवासी एवं शहीद के भाई-बहन के पुत्र एवं पुत्री को भी शाामिल करने की घोषणा की।
गहलोत ने गुरूवार को स्वर्णिम विजय दिवस के अवसर पर अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में यह घोषणा की हैं। पूर्व के नियमों में 15 अगस्त 1947 से 31 दिसंबर 1970 तक के राजस्थान के शहीदों के आश्रित परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति देने का प्रावधान है।
गहलोत ने कहा कि मुझे गर्व है कि में ऐसे प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं जहां हर घर में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहादत का जज्बा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेकता में एकता वाले इस मुल्क को एक और अखण्ड रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव निरंजन आर्य एवं पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर सहित कई मंत्री और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

सीएम ने इनका किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने 1971 की लड़ाई में शहीद हुए लांस नायक बहादुर सिंह की वीरांगना मिश्री देवी, शहीद रायफलमैन मोहन सिंह की वीरांगना नवल कंवर, शहीद ग्रेनेडियर सरदार सिंह की वीरांगना रूपा देवी, शहीद रायफलमैन रामसिंह के पुत्र नरेन्द्र सिंह, शहीद भारतीय नौसेना के जवान मदन सिंह के पुत्र नरेन्द्र सिंह शेखावत एवं शहीद हुकमाराम के पुत्र बलवीर जितरवाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। गहलोत ने सेवानिवृत सैन्य अधिकारियों एवं सैनिकों से भी मुलाकात की।


