उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। दिसंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान में एक बार फिर बारिश होने की संभावना जताई जा रही हैं, इससे सर्दी बढ़ने के आसार भी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिणी-पूर्वी अरब सागर में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बनकर वह धीरे धीरे लो प्रेशर एरिया में तब्दील होगा।
इस सिस्टम के प्रभाव से 1 व 2 दिसंबर को गुजरात के दक्षिणी-पूर्वी जिलों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के पश्चिमी जिलो और दक्षिणी राजस्थान में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता हैं। हालांकि अभी इस बात को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई कि बारिश तेज होगी या हल्की। हाल ही में मेवाड़ में हुई बेमौसम की बारिश से ठंड का असर बढ़ गया है और अब यदि फिर से बारिश होती हैं तो ठंड और तेज हो सकती हैं।

महाराष्ट्र में 29-30 नवंबर को बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों ने यह अनुमान भी लगाया हैं कि सिस्टम के प्रभाव से एक ट्रफ रेखा बनेगी जो कि महाराष्ट्र तक आएगी। उसके प्रभाव से 29 या 30 नवंबर को महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती हैं।
फतहसागर और स्वरूपसागर पर अभी भी चल रहा झरना
पिछले दिनों तीन दिन तक हुई बेमौसम बारिश से उदयपुर में उदयसागर, मदार छोटा-बड़ा, थूर का तालाब, स्वरूपसागर पिछोला, फतहसागर लबालब हो गए थे और इन पर चादर चलने लगी थी।मदार नहर से हो रही आवक से फतहसागर पर अभी भी झरना चल रहा है।
जलसंसाधन विभाग रात 10 बजे फतहसागर के गेट बंद कर सुबह वापस खोल रहा हैं, ताकि रात भर झील में जो अतिरिक्त पानी एकत्र हो उससे अगले दिन झरना चल सके। सीसारमा नदी से आवक बनी रहने से स्वरूप सागर पर भी चादर चलने का सिलसिला अभी बना हुआ हैं।


