हत्या के लिए रिश्तेदार और परिचित को दिए 50 हजार रूपए
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जिले के फलासिया थाना क्षेत्र में हुई 21 वर्षीय युवक हर्ष कलाल की हत्या का खुलासा कर पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय परमार को गिरफ्तार कर लिया है। संजय परमार कोचिंग सेंटर संचालक है। कुछ युवक-युवतियों को रीट परीक्षा पास कराने के लिए हर्ष ने संजय को रूपए दिए थे, रीट में चयन नहीं होने पर हर्ष ने जब यह राशि वापस मांगी तो संजय ने उसकी हत्या करवा दी।
एसपी मनोज कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी खेरवाड़ा के झुथरी निवासी संजय परमार पुत्र शंकर लाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में संजय के सहयोगी बावलवाड़ा के काकड़धरा निवासी पुष्कर उर्फ पंकज अहारी और परिचित खेरवाड़ा के मीठी महुड़ी निवावी दिनेश भगोरा की तलाश की जा रही है। संजय ने हत्या में सहयोग के लिए इन दोनों को 50 हजार रूपए दिए थे।
रीट के रूपयों के तकाजे और बहन के संपर्क से खफा था संजय

एडि.एसपी अनंत कुमार ने बताया कि संजय परमार उदयपुर के मादड़ी और खेरवाड़ा में कोचिंग सेंटर चलाता है। इसके रघुनंदन क्लासेज पर हर्ष पढ़ाने जाता था। संजय ने हर्ष को रीट परीक्षा में पास कराने और एसटीसी की डिग्री दिलवाने का झांसा दिया। इस पर हर्ष कुछ परिचित युवक-युवतियों को संजय के पास लाया और रीट परीक्षा पास करवाने की एजव में युवक-युवतियों से रूपए लेकर संजय को दिए। लेकिन जब रीट परीक्षा में चयन नहीं हुआ तो युवक-युवतियों ने हर्ष से और हर्ष ने संजय परमार से रूपए वापस देने को कहा। इस बात पर हर्ष और संजय में खींचतान चल रही थी।
इसके अलावा संजय की बहन का हर्ष से संपर्क था। संजय को यह बात पसंद नहीं थी, दोनों को मना करने के बावजूद वे एक-दूसरे से संपर्क खत्म नहीं कर रहे थे। इन बातों को लेकर संजय हर्ष से रंजिष रखने लगा था और हत्या की योजना बनाई।
वाट्स-एप कॉल कर पार्टी के बहाने बुलाया और हत्या कर दी
डीएसपी गिरधर सिंह ने बताया कि 14 नवंबर को संजय ने हर्ष को वाट्स-एप कॉल किया और कहा कि दो सीनियर लोगों को पार्टी देनी है, इसका इंतजाम करना है, इसको लेकर मिलना है। शाम करीब 6 बजे संजय के बताए स्थान महुदरा घाटे पर हर्ष अपनी बाइक लेकर पहुंचा। वहां संजय, दिनेश और पुष्कर भी मौजूद थे। तीनों हर्ष को बातों में उलझाकर घाटे पर चट्टानों की तरफ ले गए। वहां मौका पाते ही तीनों ने शराब की बोतल, पत्थरों से वार कर और गला दबाकर हर्ष की हत्या कर दी।
पुलिस टीम : घटना के खुलासे में डीएसपी गिरधर सिंह, भूपेन्द्र सिंह, प्रेम धणदे के नेतृत्व में एसएचओ रामनारायण, एएसआई हेमेन्द्र कुमार, जगदीष कुमार, हेडकांस्टेबल लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल संजय कुमार, हितेन्द्र सिंह, करणाराम, सन्नू राम, गणेष सिंह, दिनेष सिंह, राजेन्द्र सिंह, सहित साइबर सेल हेडकांस्टेबल गजराज सिंह और लोकेष रायकवाल ने मामले का खुलासा किया है।


