उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने मंगलवार को जिले के सलूंबर पंचायत समिति की गामड़ा पाल पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा को 15000 रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यहां खासबात यह है कि परिवादी खुद पंचायत की वार्ड पंच का पति है। गांव में चर्चा है कि जब जनता द्वारा चुनी गयी वार्ड पंच (जनप्रतिनिधि) का पति ही ग्राम विकास अधिकारी के भ्रष्टाचार से परेशान था, तो वहां आमजन का क्या हाल हो रहा होगा।
एसीबी एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि परिवादी भेरूलाल मीणा ने गामड़ा पाल ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि भेरूलाल की पत्नी कमला गामड़ा पाल पंचायत में वार्ड पंच है।
भेरूलाल वार्ड में नरेगा के तहत करवाए गए कार्यों में काम करने वाले 5 मजदूरों की मजदूरी राशि जारी करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा से मिला। मुकेश मीणा ने भेरूलाल से 5 मजदूरों के (प्रति श्रमिक 3000 रूपए) हिसाब से 15000 रूपए रिश्वत बतौर कमीशन मांग की। रिश्वत नहीं देने पर वार्ड में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाने की धमकी दी। इस पर परेशान होकर भेरूलाल ने एसीबी में शिकायत की।
मजदूरों की मेहनत की कमाई में से भी मांग ली रिश्वत

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो 15000 रूपए रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। आज मंगलवार सुबह ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा ने परिवादी को रिश्वत राशि लेकर सलूंबर मेन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने बुलाया। ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा के बताए स्थान पर परिवादी वार्ड पंच का पति भेरूलाल पहुंचे। जैसे ही मुकेश मीणा ने परिवादी से रिश्वत के 15000 रूपए लिए, वहां एसीबी टीम पहुंच गयी और ग्राम विकास अधिकारी मुकेश मीणा को रंगे हाथों धर दबोचा।
कार्यवाही करने वाली टीम : यह कार्यवाही एसीबी निरीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित, हेडकांस्टेबल अजय कुमार, नंद किशोर पंड्या, कांस्टेबल दिनेश कुमार, राजेश कुमार की टीम ने की है।


