उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। कृषि भूमि पर बसे लोगों को प्रशासन शहरों के संग अभियान में कम रेट पर पट्टे मिल सकेंगे। सरकार ने प्रीमियम दरों में 75 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। दीपावली से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जनहित में यह बड़ा फैसला लिया हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 के दौरान 300 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि से अकृषि के लिए प्रीमियम दरों में 75 प्रतिशत तक की छूट को मंजूरी देने का बड़ा निर्णय किया है। इसी अनुपात में शहरी जमाबंदी लीज राशि में भी कमी आएगी। जिससे कृषि भूमि पर बसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके लिए फ्री-होल्ड पट्टा लेना आसान होगा।
इस प्रकार लगेगी प्रीमियम दरें

सीएम गहलोत ने कहा कि इस निर्णय से कृषि भूमि पर बसे लोगों में पट्टे लेने के प्रति रूझान बढ़ेगा और इसका लाभ उन्हें सुनियोजित विकास कार्यों एवं विभिन्न सुविधाओं के विकसित होने के रूप में मिलेगा।
300 वर्गमीटर तक की आवासीय कृषि भूमि से अकृषि प्रयोजन के लिए प्रीमियम की दर नगरपालिका क्षेत्र में 50 रूपए प्रति वर्गमीटर, नगर परिषद क्षेत्र में 75 रूपए प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम क्षेत्र में 100 रूपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। यह छूट उन्हीं कॉलोनियों पर लागू होंगी, जिनके ले-आउट प्लान का अनुमोदन 31 मार्च 2019 तक हो चुका है। उनमें 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखण्डों पर मात्र प्रीमियम राशि, एक मुश्त लीज राशि (प्रीमियम दर की चार गुना) पर एवं 500 रूपए भवन मानचित्र अनुमोदन शुल्क एकमुश्त लेकर फ्रीहोल्ड पट्टा दिया जाएगा।
इस दौरान 300 वर्गमीटर तक के इन भूखंडधारियों को अतिरिक्त छूट देते हुए आंतरिक एवं बाह्य विकास शुल्क, किसी भी प्रकार की शास्ति, अन्य कोई चार्ज एवं बेसिक सर्विसेज फॉर अरबन पूअर (बीएसयूपी) फंड के नाम से ली जाने वाली राशि भी नहीं ली जाएगी। साथ ही, आवासीय एवं वाणिज्यिक कॉर्नर के भूखण्डों में प्रीमियम दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि नहीं की जाएगी।
चैरिटेबल संस्थाओं को कृषि से अकृषि नियमन के लिए शत-प्रतिशत छूट
राज्य सरकार ने सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में अग्रणी एवं अलाभकारी पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ नियमन के लिए निर्धारित प्रीमियम दरों, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी गई है।


