उदयपुर, (ARLive news)। मानसून मेवाड़ से विदा हो चुका हैं। जाते जाते मानसून ने उदयपुर शहर की पीछोला झील और फतेहसागर को तो लबालब कर दिया, लेकिन मेवाड़ के 219 में से 143 प्रमुख बांध-तालाब को मानसूनी बादल खाली छोड़ कर ही विदा हो गए। इनमें उदयपुर संभाग के साथ ही भीलवाड़ा क्षेत्र के बांध भी शामिल हैं।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर, राजसमंद, चितौड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और भीलवाड़ा जिले में कुल 219 बड़े, मध्यम और छोटे बांध-तालाब हैं। मानसून विदा होने तक इनमें से कुल 30 बांध लबालब हुए है और 46 ही ओवरफ्लो हुए हैं। ऐसे में 143 बांधो में क्षमता अनुसार पानी नहीं आने से इस साल कई क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए जरूरत अनुसार पानी मिलना भी मुश्किल होगा।
कुछ बड़े बांध तो ऐसे भी है जिनका पैंदा भी पूरी तरह से नहीं ढंक पाया हैं। इनमें बागोलिया(उदयपुर), माताजी का खेड़ा(राजसमंद), भूपालसागर, डिंडोली, सांवरिया सरोवर, बाकिया, कपासन और धमाना बांध (चित्तौड़) शामिल हैं। वल्लभनगर, बड़गाँव, नंदसमंद बांध भी खाली पड़े हैं।

जयसमंद के छलकने की उम्मीदें भी पूरी नहीं हुई
विश्व विख्यात और उदयपुर वासियों की प्यास बुझाने में बड़ा सहयोग दे रही जयसमन्द झील भी इस बार लबालब नहीं हुई है। इसमें क्षमता के मुकाबले 75 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध हैं। राजसमंद झील में तो क्षमता के मुकाबले 13 प्रतिशत पानी ही हैं। आमतौर पर प्रतापगढ़ का जाखम बांध मानसून के तीन-चार दौर में ही छलक जाता है लेकिन इस बार जाखम बांध लबालब भी नहीं हो पाया। यक क्षमता के मुकाबले 86 प्रतिशत ही भर पाया हैं।
प्रतापगढ़ ने छप्पर फाड़ कर बरसे बादल
इस मानसून में प्रतापगढ़ जिले में बादलों ने खूब मेहरबानी बरसायी। इस मानसून में जिला मुख्यालय पर कुल 1491 मिलीमीटर बारिश हुई हैं। अरनोद में 1233, पीपलखूंट 1170,जेतपुरा(भीलवाड़ा)में 1226 और बेंगू(चित्तौड़) में कुल 1081 जबकि उदयपुर जिला मुख्यालय पर कुल 407 मिलीमीटर बारिश ही हुई।


