सवाल और जांच का विषय : कहां खर्च होती है विदेशों से आने वाली करोड़ों की दानराशि..?क्या यहां बच्चों को खिलाया जाता है दान में आया हुआ भोजन..?
उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास केन्द्र में रह रहे 2 बच्चों की दुषित भोजन खाने से मौत हो गयी है, 5 बच्चे हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। प्रशासन की अभी तक की जांच में सामने आया है कि मानसिक विमंदित पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को दूषित भोजन खिलाया गया और इससे बच्चों को फूड पॉइजनिंग हुई है।
दो बच्चों की मौत और 5 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर दिनेश खराड़ी ने बुधवार शाम को पुनर्वास केन्द्र का दौरा किया।
डॉक्टर खराड़ी ने बताया कि बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित इस पुनर्वास केंद्र में निवासरत 49 बच्चों में से 7 बच्चों को फूड पॉइजनिंग की शिकायत होने पर एमबी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। 7 में से 2 बच्चों की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि 1 बच्चे की हालत गंभीर है और वह आईसीयू में भर्ती है। इन बच्चों की उम्र 16 से 17 वर्ष थी। चार बच्चे वार्ड में इलाजरत हैं।पूछताछ के दौरान पता चला है कि बच्चों को वह भोजन खाने को दिया जो कोई बाहरी व्यक्ति परोपकार के नाम से पका हुआ भोजन केन्द्र पर देकर गया था।

मेडिकल टीम ने जांच के लिए खाद्य सामग्री के सैंपल लिए

डॉ. खराड़ी ने बताया कि फूड पॉइजनिंग की जांच के लिए बच्चों को खिलाई जा रही खाद्य सामग्री जैसे चावल-दाल आदि के सैंपल लिए गए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला है कि बच्चों को वह भोजन खाने को दिया जो कोई बाहरी व्यक्ति परोपकार के नाम से पका हुआ भोजन केन्द्र पर देकर गया था। केन्द्र संचालकों ने उस भोजन से बच्चों को फूड पॉइजनिंग होने की संभावना जताई है।
मामले की जांच के लिए मृत्यु हुए दोनों बच्चो का पोस्टमार्टम कर विसरा सैंपल लिए गए है और मामला दर्ज कर अंबामाता थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर चेतन देवड़ा एमबी हॉस्पिटल पहुंचे और इलाजरत बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद कलेक्टर ने नारायण सेवा संस्थान का दौरा किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
सवाल : विदेशों से आने वाले एक-एक पैसे की जांच होनी चाहिए..?
नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास केन्द्र में दो बच्चों की फूड पॉइजनिंग से मौत होने ने वहां की व्यवस्था और प्रबंधन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नारायण सेवा संस्थान फॉरन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत रजिस्टर्ड है। जिसके तहत इस संस्थान को सालाना करोड़ों रूपए विदेशों से दान के नाम पर मिलते हैं। इसके बावजूद अगर संस्थान में बच्चों को बाहर से दान में आया हुआ भोजन दिया जा रहा है, तो बच्चों के नाम पर आने वाले हर पैसे और उसके खर्च की जांच होनी चाहिए..?


