उदयपुर,(ARLive news)। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दिल दहलाने वाला मामला हुआ, जहां पति ने अपने तीन बच्चों के सामने पत्नी को गालियों से छलनी कर दिया और फिर खुद सेल्फॉस खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। 5 गोलियां लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं आरोपी पति हॉस्पिटल में भर्ती है और खतरे से बाहर है।
महिला सरकारी हॉस्पिटल में नर्स थी और आरोपी निजी कम्पनी में काम करता था, लेकिन जब उसके खिलाफ गत वर्ष बेटी से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। बेटी से दुष्कर्म मामले में उसकी 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी, उसे सोमवार को सरेंडर करना था।
आरोपी पति की हाईकोर्ट से हुई जमानत के खिलाफ उसकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। दोबारा जेल जाना पड़ेगा, इसी बात को लेकर वह पत्नी से बदला लेना चाहता था। घटना की सूचना पर एडिएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा, डीएसपी राजीव जोशी, थानाधिकारी रामसुमेर और हनवंत सिंह जाब्ता सहित और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचे।
बेटी से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार होने के बाद हाईकोर्ट से हुई थी जमानत
एडि.एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि गत वर्ष आरोपी के खिलाफ हिरणमगरी थाने में उसकी 15 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। एफआईआर आरोपी की पत्नी ने ही दर्ज करवायी थी। पुलिस जांच में आरोपी पाए जाने पर और बच्ची के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान होने के बाद पुलिस ने आरोपी को बेटी से दुष्कर्म के आरोप में पोक्सो के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आरोपी की सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो गयी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह जेल से बाहर आ गया था। हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगायी थी। इसमें पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट में एफीडेविड दिया था, जिसमें कहा था कि मामले में ट्रायल चल रही है और आरोपी के जेल से बाहर रहने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसी 16 अगस्त को आरोपी की जमानत खारिज कर दी थी और उसे संबंधित कोर्ट में सरेंडर करने के आदेश दे दिए थे। 23 अगस्त को आरोपी को सरेंडर करना था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया जाता। आरोपी इसी बात से क्षुब्ध था और पत्नी से बदला लेना चाहता था।
पत्नी-बच्चे पहली मंजिल और आरोपी ग्राउंड फ्लोर पर रहता था

पुलिस ने बताया कि दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी ग्राउंड फ्लोर पर रहता था और पत्नी बच्चों के साथ घर की पहली मंजिल पर रहती थी। आज दोपहर आरोपी घर पहुंचा। पत्नी हॉस्पिटल से घर पहुंची ही थी और गैलरी से होते हुए पहली मंजिल पर जा रही थी, तभी आरोपी ने पत्नी को गोली मार दी। बच्चों ने खुद को बचाने के लिए गैलरी में लगा जाली वाला गेट बंद कर लिया। बच्चे जाली के गेट के उस पार से पूरा घटनाक्रम देख रहे थे।
गोली लगने के बावजूद महिला ने सीढ़ियों से पहली मंजिल पर जाने की कोशिश की, लेकिन तभी आरोपी ने उसकी पीठ पर लगातार 4 फायर किए। 5 गोलियां लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गयी। इसके बाद आरोपी ने सेल्फॉस की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन उसे सही समय पर हॉस्पिटल पहुंचाकर बचा लिया गया।


