नई दिल्ली,(ARLive news)। उद्योगपति मुकेश अंबानी को आज करारा झटका लगा है, क्योंकि आज सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस रिटेल और किशोर बियानी की फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई 24,713 करोड़ की डील पर रोक लगाते हुए अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय कानून में आपातकालीन अवार्ड लागू करने योग्य है और इसलिए उसने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है।
आपको बता दें कि फ्यूचर रिटेल ने अपना पूरा बिजनेस रिलायंस रिटेल को बेच दिया था, जिसका विरोध अमेजन कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिलायंस के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
मालूम हो कि रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील अगस्त 2020 में हुई थी, जिसका अमेजन ने विरोध किया था। उसका कहना है कि फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस के साथ डील कर उसके साथ हुए कांट्रैक्ट के नियमों का उल्लंघन किया है।
ये है मामला
मालूम हो कि अमेजन ने अगस्त 2019 में फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी और इस वजह से फ्यूचर ग्रुप बिना उससे पूछे कोई भी डील नहीं कर सकता है। लेकिन रिलायंस के साथ जब फ्यूचर ग्रुप ने बिना बताए डील की तो उसने इसका विरोध किया।
अमेजन का कहना था कि कांट्रैक्ट के नियमों के तहत कुछ कंपनियों के साथ फ्यूचर ग्रुप डील नहीं कर सकता है, उसमें रिलायंस रिटेल भी शामिल है, इसलिए फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ एक्शन होना चाहिए क्योंकि उसने नियम तोड़ा है। अमेजन के इस विरोध के बाद सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेटर ने भी अक्टूबर 2020 में इस डील पर रोक लगा दी थी और इस पूरे मामले के एक पूरी रिपोर्ट देने के लिए एक पैनल गठित किया था।
लेकिन पैनल ने अभी तक आर्बिट्रेटर को रिपोर्ट सौंपी नहीं है। अमेजन ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा अमजेन ने इंडिया में इस डील के खिलाफ दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की थी। पहले तो हाईकोर्ट की एकल बेंच ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया लेकिन फ्यूचर रिटेल लिमिटेड द्वारा इस फैसले खिलाफ अपील किए जाने पर दो जजों की बेंच ने पूर्व फैसले को पलट दिया। जिसके बाद अमेजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिस पर आज फैसला आया है।
इस पूरे मामले पर फ्यूचर ग्रुप का कहना है कि उसने कोई नियम नहीं तोड़ा। कांट्रैक्ट के नियमों के मुताबिक ही उसने काम किया है।


