मुंबई,(ARLive news)। महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश आफत बनकर टूटी है राज्य में बाढ़ और भू्स्खलन के कारण अब तक 192 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे हैं। महाराष्ट्र के 1,028 गांव सीधे तौर पर त्रासदी का शिकार हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार पश्चिम महाराष्ट्र में भीषण बाढ़ का कारण बनी मूसलाधार बरसात ने पिछले करीब 100 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है।
बाढ़ ग्रस्त इलाकों से अब तक 375,178 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। कुछ स्थानों पर 20 फुट तक पानी भरा हुआ है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया दौरा
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार पश्चिमी महाराष्ट्र के बाढ़ग्रस्त जिलों – सांगली (206,619), कोल्हापुर (150,365), सतारा (7,530) से, इसके बाद कोंकण जिले – ठाणे (6,930), सिंधुदुर्ग (1,271), रत्नागिरी (1,200) और रायगढ़ (1,000) लोगों को बचाया गया है और अधिकांश बाढ़ प्रभावितों को 259 राहत शिविरों में रखा गया है। घायल हुए 48 लोगों का रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सांगली, सतारा और कोल्हापुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि रायगढ़ में पहाड़ी-स्लाइड के कुछ पीड़ितों को मुंबई के विशेष अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर मुख्यमंत्री ठाकरे ने जिलों के अधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा की और आदेश दिया कि प्रभावित लोगों को भोजन, पानी, दवा और कपड़े के प्रावधान के साथ आपातकालीन राहत कार्य तुरंत उपलब्ध करवाया जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “अभी तक बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। खराब मौसम भी बना हुआ है। लेकिन राहत कार्य सभी सावधानियों के साथ किया जाना चाहिए।”


