जयपुर,(ARLive news)। महिला साक्षरता के मामले में राज्य में सबसे पिछले जिले में शुमार जालौर की बेटी बीनू देवल ने आरएएस बनकर माता-पिता सहित जिले का नाम रोशन किया है। बीनू ने हाल ही आए राजस्थान लोक सेवा आयोग परीक्षा परिणामों में आठवीं रैंक हासिल की है।
बीनू का कहना है कि उम्मीद है कि मेरी सफलता मेरे जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बने और वे खुद और परिवार की बहू-बेटियों को न सिर्फ साक्षर बनाएं, बल्कि उच्च शिक्षा के लिए भी आगे लेकर आएं। पहली नियुक्ति सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट के पद पर होगी, इसलिए उनकी कोशिश रहेगी कि वे महिला साक्षरता, सशक्तिकरण एवं सुरक्षा पर काम कर सकें।
कॉलेज के शिक्षकों ने आरएएस की तैयारी के लिए किया प्रोत्साहित
गौरतलब है कि बीनू ने स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा आईआईएस विश्वविद्यालय से ली है। विश्वविद्यालय में अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए बीनू बताती हैं कि आरएएस बनने का बीज आईआईएस विश्वविद्यालय में ही पनपा था। जब वो एमबीए कर रही थीं। शिक्षकों ने बीनू की काबीलियत को देखते हुए विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिविल सर्विस प्रेपरेटरी क्लासेस में दाखिला लेने की सलाह दी।
बीनू का मानना है कि यह विश्वविद्यालय के शिक्षकों रिद्धसिद्ध सिंह और प्रियंका रघुवंशी का उनपर भरोसा व उनके द्वारा दिए गए सही मार्गदर्शन का ही नतीजा है कि वे आरएएस बनने के पड़ाव को पार कर सकी हैं और अब उनका उद्देश्य आईएएस बनना है। आरएएस की नौकरी करते हुए वे आईएएस की परीक्षा की तैयारी करेंगी।
ऐसे की तैयारी
बीनू बताती हैं कि उन्होंने वीकली टाईमटेबल बनाकर टॉपिक के अनुसार पढ़ाई की और टेस्ट सीरिज़ पर फोकस किया। बीनू की सफलता पर विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ अशोक गुप्ता ने उन्हें ढ़ेर सारी शुभकामनाएं प्रेषित कीं साथ ही उन्होंने कहा कि बीनू विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत रहेंगी एवं साथ ही भविष्य में उनका मार्गदर्शन अपेक्षित है।


