जयपुर,(ARLive news)। राजधानी जयपुर में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। रविवार देर शाम आमेर किले के ठीक सामने 500 मीटर उंचाई पर बने वॉच टॉवर पर बिजली गिरी। इस दौरान कई क्षेत्रवासी और पर्यटक मानसून की पहली बारिश का आनंद लेने वहां मौजूद थे। वॉच टावर पर गिरी बिजली के चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हो गयी, वहीं कई झुलस गए और बेहोश हो गए।
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद वहां काफी अंधेरा हो गया था। ऐसे में रेस्क्यू करना सभी के लिए काफी मुश्किल हो गया था। स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुट गए। लोगों ने मोबाइल टॉर्च की लाइट से रोशनी कर रेस्क्यू शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस की टीमें और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ टीम की ड्रेगन टॉर्च से रेस्क्यू करने में काफी मदद मिली। रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चला। एक-एक कर 11 लाशें मिली, वहीं 16 से ज्यादा गंभीर रूप से झुलस गए।
कृत्रिम सांसे देकर बचाई जिंदगियां
सिविल डिफेंस अधिकारी के अनुसार शाम 7 बजकर 29 मिनट पर आमेर में बिजली गिरने की सूचना मिली थी। महल में तैनात सिविल डिफेंस के जवान करीब आधां घंटे की चढ़ाई पूरी कर मौके पर पहुंचे। वहां कई लोगों को बेहोश पड़ा देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल स्टेट कंट्रोल रूम को सूचना दी।
बचाव कार्य में जुटे जवानों ने लोगों को कृत्रिम सांस देकर बचाना शुरू कर दिया। जिनकी सांसें चल रही थीं, उन्हें तत्काल स्ट्रेचर और कंधों पर लेकर नीचे उतारा और एंबुलेंस के जरिए हॉस्पिटल तक पहुंचाया। रेस्क्यू टीमों ने 27 लोगों को पहाड़ी से नीचे रेस्क्यू कर उतारा। इनमें से 11 की मौत हो चुकी थी।


