जयपुर,(ARLive news)। कोरोना के बाद ब्लैक फंगस से जूझ रही महिला की बेटी के साथ इंजेक्शन देने के नाम पर 40 हजार रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को सीएमएचओ ऑफिस का कर्मचारी बताया और ब्लैक फंगस के उपचार में काम आने वाले इजेक्शन देने की एवज में 40 हजार रूपए ले लिए। इसके बाद जब महिला की बेटी ने इंजेक्शन मांगे तो ठग टालमटोल करते रहे और फिर फोन स्विच ऑफ कर दिया। इधर समय पर इंजेक्शन नहीं मिलने के कारण महिला की मौत हो गयी।
मालवीय नगर निवासी सुरभि भार्गव (26 ) पुत्री अनिल भार्गव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने रिपोर्ट में बताया कि उसकी मां कविता भार्गव को कोरोना होने पर महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान उन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की 6 बॉयल लगातार 5 दिनों तक लगाने का एडवाइज दिया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि आवेदन करने पर सीएमएचओ की ओर से इंजेक्शन दिए जाएगें। महावीर कैंसर अस्पताल की ओर से डॉक्टर ने सीएमएचओ को इंजेक्शन दिलाने के लिए ई-मेल कर दिया।
सीएमएचओ ऑफिस या हॉस्पिटल से जानकारी लीक होने का संदेह
डॉक्टर ने जिस दिन सीएमएचओ ऑफिस में मेल किया था, उसी दिन रात 8 बजे सुरभि भार्गव के मोबाइल पर अमित वर्मा नाम के एक युवक का फोन आया। युवक ने खुद को सीएमएचओ ऑफिस का कर्मचारी बताया और सुरभि से कहा कि आपकी मां को इंजेक्शन की जरूरत है। हम आपको इंजेक्शन पहुंचा देंगे। उसने 6 वॉयल के प्रति इंजेक्शन 12 हजार रूपए के हिसाब से 72 हजार रूपए और 400 रूपए डिलीवरी चार्ज मांगे। मां की गंभीर स्थिति देखकर सुरभि रूपए देने को तैयार हो गयी। युवक ने एडवांस में 40 हजार रूपए मांगे तो सुरभि ने युवक के फोन-पे नंबर पर दो बार में कुल 40 हजार रूपए ट्रांसफर कर दिए।
सुरभि ने अमित को फोन कर इंजेक्शन की डिलीवरी के बारे में पूछा, तो अमित ने कहा पूरा पेमेंट एडवांस में देना होगा, इसके बाद ही डिलीवरी हो सकेगी। इस पर सुरभि को शक हुआ तो उसने दो युवक से आईडी कार्ड दिखाने को कहा। इसके बाद उस युवक ने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर दिया। युवक तीन दिनों तक सुरभि को झांसा देता रहा, लेकिन न तो रूपए वापस मिले और न ही इंजेक्शन। तीन दिन बाद सुरभि की मां की मौत हो गयी।
युवती को उसकी मां के लिए ब्लैक फंगस इंजेक्शन की जरूरत थी, यह जानकारी सीएमएचओ ऑफिस या हॉस्पिटल स्टाफ को पता थी। ऐसे में संदेह है कि यह जानकारी इन दो जगहों से लीक हुई होगी। हालां कि पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों तक पहुंचेगी, तब भी इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस ने भी नहीं की मदद
सुरभि ने बताया कि मां की मृत्यु होने के बाद 12 जून को उन्होंने मालवीय नगर पुलिस को घटना की रिपोर्ट दी। इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वह कई दिनों तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकती रही। फिर उसने कोर्ट में इस्तेगासे से ठगी किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है।


