जयपुर,(ARLive news)। उदयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को बांसवाड़ा में कार्यवाही करते हुये यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर जितेन्द्र सांखला और सफाई कर्मी नरेश कटारा को 15 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक मैनेजर परिवादी से 9000 रूपए पहले ही ले चुका था और रिश्वत की बकाया राशि के लिए परिवादी को धमका रहा था।
एसीबी एडिएसपी उमेश ओझा ने बताया कि परिवादी प्रभु डिंडोर ने उदयपुर एसीबी यूनिट को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बांसवाड़ा नवांगांव ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र सांखला की 25 हजार रूपए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। परिवादी ने शिकायत में बताया कि उसके छोटे भाई सोहन डिंडोर की मौत हो चुकी है। सोहन का प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत बीमा था, जिसका खाता यूनियन बैंक ऑफ इडिया में है। बीमा राशि दिलवाने की एवज में बैंक का ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र सांखला 25000 रूपए की रिश्वत मांग रहा है।
रिश्वत की बकाया राशि नहीं दी तो फ्रीज कर दिया मृतक की पत्नी का बैंक खाता
परिवादी ने शिकायत में बताया कि ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र सांखला रिश्वत राशि के 9000 रूपए ले चुका है। इसके बाद मृतक सोहन की पत्नी के खाते में बीमा राशि के 2 लाख रूपए आ गए। सोहन की पत्नी के खाते में बीमा राशि आने के बाद ब्रांच मैनेजर रिश्वत की बकाया राशि के लिए धमकाने लगा। रिश्वत नहीं देने पर ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र सांखला ने मृतक सोहन की पत्नी का बैंक अकाउंट फ्रीज कर लेन-देन पर रोक लगा दी और धमकी दी कि जब तक रिश्वत के रूपए नहीं दोगे तब तक खाते से कोई लेन-देन नहीं करने दुंगा।
परिवादी की शिकायत पर एसीबी टीम ने सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान बैंक मैनेजर ने परिवादी से 15 हजार रूपए मांगे। शिकायत की पुष्टि होने पर आज सोमवार को एसीबी उपाधीक्षक हेरंब जोशी के नेतृत्व में टीम बांसवाड़ा पहुंची।
बैंक मैनेजर ने बैंक के सफाईकर्मी नरेश कटारा को भेजा और परिवादी से कहा कि रिश्वत के 15000 रूपए उसे दे दो। नरेश कटारा ने बैंक मैनेजर की बाइक की, परिवादी को बाइक पर साथ लेकर गया, रास्ते में रिश्वत के 15000 रूपए लिए और वापस परिवादी को बैंक छोड़कर चला गया। एसीबी ने नरेश का पता कर उसे घर छापा मारा। जहां नरेश रिश्वत राशि के 15000 रूपए रखकर चला गया था। एसीबी टीम ने नरेश के मकान से 15000 रूपए बरामद किए और सफाईकर्मी नरेश कटारा, बैंक मैनेजर जितेन्द्र सांखला को गिरफ्तार कर लिया।


