लंदन/कोलंबो,(ARLive news)। भारत में कोरोना की दूसरी लहर उतार पर है, राज्यों में लगा लाॅकडाउन शर्तों के साथ हट गया है और जनजीवन सामान्य होने की तरफ बढ़ रहा है, वहीं दूसरे देशों में कोरोना की तीसरी लहर से दस्तक दे दी है। ब्रिटेन में दूसरी लहर के बाद चार महीने में पहली बार एक दिन में 11 हजार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, इसे ब्रिटेन में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक माना जा रहा है। वहीं श्रीलंका में भी कोरोना का सबसे ज्यादा संक्रामत डेल्टा वेरिएंट के केस मिलने के बाद संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।
ब्रिटेन में गुरूवार को चार महीने में पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के 11 हजार से अधिक मामले सामने आए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गुरूवार को संक्रमण के 11007 मामले सामने आए, जो 19 फरवरी के बाद से सबसे अधिक हैं, उस दिन 12027 मामले सामने आए थे। सरकारी मुख्य चिकित्सा सलाहकार प्रोफेसर क्रिस विटी ने कहा कि संक्रमण के मामलों में वृद्धि अस्थाई है, लेकिन इससे निश्चित रूप से अस्पतालों पर भार बढ़ेगा। साथ ही इससे मौत के आंकड़ों में भी वृद्धि हो सकती है।
श्रीलंका में डेल्टा वेरिएंट केस की पुष्टि हुई
श्रीलंका में अधिकारियों ने बताया है कि देश में कम्यूनिटी लेवल पर कोरोना वायरस का बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप पहली बार पाया गया है। जयवर्धनपुरा विश्वविद्यालय में इम्युनोलॉजी एवं मॉलिक्यूलर मेडिसीन विभाग में एलर्जी इम्युनोलॉजी एवं सेल बायोलॉजी इकाई की निदेशक डॉ. चंदिमा जीवंदरा ने बताया कि वायरस का यह स्वरूप कोलंबो के उपनगर देमातागौड़ा के इलाके से लिए गए नमूनों में पाया गया है।
हमने देमातागौड़ा से आठ नमूने लिए थे, जिनमें पांच कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप से संक्रमित पाए गए हैं। अलग-अलग पीसीआर जांच किट के जरिए हम वायरस के अलग-अलग स्वरूपों पर लगातार नजर रखते हैं। यह पहली बार है जब कम्यूनिटी में कोरोना वायरस का यह स्वरूप मिला है। इससे पहले दो लोग डेल्टा स्वरूप से संक्रमित पाए गए थे, लेकिन वे एक पृथक.वास केंद्र में थे।
विश्वविद्यालय की एक पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि देश में पाए जा रहे अल्फा स्वरूप के मुकाबले डेल्टा स्वरूप 50 फीसदी अधिक संक्रामक है और यह अधिक गंभीर रोग करने में सक्षम है तथा टीके की एक खुराक इस पर बेअसर हो सकती है। डेल्टा स्वरूप की सबसे पहले पहचान भारत में हुई थी। इसे कोरोना वायरस का अत्यधिक संक्रामक स्वरूप माना जाता है। श्रीलंका में अप्रैल माह से ही संक्रमण के मामलों तथा मरने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। यहां अब तक संक्रमण के कुल 230692 मामले हैं तथा 2374 लोगों की मौत हो चुकी है।


