उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के सुखेर स्थित शर्मा मल्टीस्पेशलिटी हाॅस्पिटल में अनियमितताएं पाये जाने पर जिला प्रसाशन एवं चिकित्सा विभाग ने क्लिनिकल एस्टेब्लिसमेंट एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए पंजीकरण निरस्त कर दिया। पंजीकरण निरस्त हो जाने की स्थिति में अब अस्पताल द्वारा किसी भी मरीज को उपचार नहीं दिया जा सकेगा।
कार्यवाही के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी, गिर्वा उपखंड अधिकारी अपर्णा गुप्ता, तहसीलदार बड़गांव हिम्मत सिंह राव, थाना इंचार्ज सुखेर रोशन लाल और अस्पताल प्रबंधन सहित अन्य अधिकारीगण एवं पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
गौरतलब है कि शर्मा हाॅस्पिटल वही अस्पताल है, जहां कोरोना की दूसरी लहर के पीक के दौरान 16 अप्रेल को ऑक्सीजन प्लांट ही फेल हो गया था। हाॅस्पिटल प्रबंधन ने क्षमता से कहीं अधिक कोरोना के मरीजों को हाॅस्पिटल में भर्ती किया हुआ था। इस कारण से अचानक हाॅस्पिटल का ऑक्सीजन प्लांट फेल हो गया था। इससे उस दिन हाॅस्पिटल के आईसीयू और वेंटीलेटर पर उपचाररत कोरोना के गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ गयी थी। मरीजों की जान बचाने परिजन उन्हें गोद में उठाकर दूसरे अस्पताल की ओर दौड़े थे।
जांच दल की रिपोर्ट में निकली गंभीर अनियमितताएं

सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि क्लिनिकल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार अस्पताल में दर्शाए गई बेड क्षमता, चिकित्सकों की उपलब्धता एवं अन्य तथ्यों की जांच के लिए जिला कलेक्टर ने जांच दल गठित किया था। जांच रिपोर्ट में उक्त अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति से लेकर अन्य कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई। जिसके आधार पर अस्पताल द्वारा न्यूनतम मानकों की पालना नहीं करना पाये जाने पर एक्ट के तहत पंजीकरण निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई है।
ऐसे में अब इस हाॅस्पिटल में किसी भी प्रकार के मरीज का इलाज नहीं किया जा सकता है। आमजन की सूचना के लिए यह जानकारी अस्पताल के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दी गई है। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मरीजों को पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं करवा पाने, इलाज में लापरवाही बरतने और मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने के आरोप में थाने में एफआईआर दर्ज करवायी गयी है। कार्यवाही के दौरान संयुक्त निदेशक चिकित्सा विभाग उदयपुर जोन द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अस्पताल में संचालित सोनोग्राफी मशीन को भी सीज कर दिया गया है।
सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मान्यता निरस्त करने के लिए भेजा पत्र
डॉ. खराड़ी ने बताया कि उक्त अस्पताल की आयुष्मान भारत, महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत मान्यता निरस्त करने के लिए भी राज्य स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के सम्बन्ध में पत्र प्रेषित किया गया है।


