उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को सिसारमा पटवारी सौरभ गर्ग को 75000 रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पटवारी सौरभ परिवादी से पूर्व में भी 2.25 लाख रूपए रिश्वत ले चुका था और बार-बार और ज्यादा रिश्वत की मांग कर रहा था।
एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि मामले में तहसीलदार गिर्वा की भूमिका की भी जांच होगी। पटवारी ने जब परिवादी से रिश्वत राशि की डिमांड की, तो काम को लेकर तहसीलदार से भी बात करवायी थी, तब तहसीलदार ने परिवादी से यही कहा था कि वह पटवारी से ही बात कर ले।
पटवारी का लालच बढ़ा : दो लाख लेने के बाद भी, और रूपए मांगे तो परिवादी ने की शिकायत
परिवादी ने एसीबी में पटवारी सौरभ गर्ग के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। परिवादी ने बताया कि पटवार मंडल सिसारमा में उसकी कृषि भूमि पर मकान निर्माण का काम चल रहा है। पटवारी सौरभ गर्ग ने मकान का निर्माण कार्य रूकवा दिया और डरा-धमका कर मकान का काम दोबारा शुरू करवाने की एवज में 2 लाख रूपए रिश्वत मांगी और यह राशि खुद के अलावा उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही।
परेशान होकर परिवादी ने 26 मई और 28 मई को 2 लाख रूपए पटवारी सौरभ गर्ग को दे दिए। इसके बाद भी सौरभ गर्ग परिवादी पर रिश्वत के और ज्यादा रूपए देने का दबाव बनाने लगा। तब परिवादी ने एसीबी में शिकायत की।
पटवारी ने रिश्वत के लिए परिवादी को पटवार मंडल ही बुला लिया
5 जून को एसीबी ने जब शिकायत का सत्यापन किया उस दौरान पटवारी ने परिवादी से 25000 रूपए रिश्वत के ले लिए और 75000 रूपए और देने को कहा। आज सोमवार को पटवारी सौरभ ने परिवादी को रूपए लेकर पटवार मंडल कार्यालय पर ही बुला लिया। इस पर एसीबी टीम भी वहां पहुंच गयी। जैसे ही पटवारी सौरभ गर्ग ने परिवादी से रिश्वत के 75000 रूपए लिए, एसीबी टीम ने छापा कर उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
कार्यवाही करने वाली टीम: पुलिस निरीक्षक हरिशचन्द्र सिंह, हेडकांस्टेबल रमेश चन्द्र, कांस्टेबल मांगीलाल, टीकाराम, कनिष्ठ लिपिक लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल दिनेश कुमार


