कोलकाता,(ARLive news)। साइक्लोन “यास” बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के तट से टकरा गया और बालासोर के करीब से गुजर कर उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ गया। इस दौरान ओडिशा में 140 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, इससे यहां समुद्र का पाली काॅलोनियों-घरों में घुस गया।
पश्चिम बंगाल में भी यास ने खूब तांडव मचाया। तेज अंधड़ और भारी बारिश के चलते हावड़ा में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया और नदी का पाली घरों, दुकानों में घुस गया। पश्चिम बंगाल में तूफान के बीच जलपाईगुड़ी में 3.8 तीव्रता का भूकंप भी रिकाॅर्ड किया गया। बंगाल और ओडिशा के अलावा बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी तूफान का असर रहा।
युवक पानी में बहा, तूफान में फंसे लोगों का बचाव कार्य जारी

बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में एक युवक की तेज धार में बहने से मौत हो गई, एनडीआरएफ की टीम ने फंसे 32 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया। एनडीआरएफ की टीम ने ओडिशा के बासुदेवपुर में करीब 400 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया। ओडिशा में यास तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नौसेना राहत सामग्री पहुंचा रही है और लगातार रेस्क्यू कार्य भी जारी है।
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर के अलावा कोलकाता, हावड़ा और हुगली में भी तूफान का असर दिख रहा है। कोलकाता में सेना के 9 बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। इनके अलावा 17 दलों को पुरुलिया, झारग्राम, बीरभूम, बर्धमान, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, नादिया के साथ 24 परगना उत्तर और दक्षिण में तैनात किया गया है।



