केन्द्र सरकार ने पहली खेप पर जितना जीएसटी वसूला उतने में 18 लाख डोज आ जाती
जयपुर,(ARLive news)। कोरोना महामारी के दौर में देश की जनता को मुफ्त में वैक्सीन उपलब्ध करवाने के बजाए केन्द्र सरकार राज्य सरकारों से वैक्सीन खरीद पर GST वसूल रही है। केन्द्र सरकार ने विदेश से आने वाली वैक्सीन को तो जीएसटी मुक्त कर दिया है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों से युवावर्ग के लिए वैक्सीन खरीदने पर 5% GST वसूल रही है।
राज्यों का कहना है कि वे वैक्सीन पर जितना GST केन्द्र सरकार को दे रहे हैं, उतनी राशि में राज्य के लाखों युवाओं को वैक्सीन डोज दी जा सकती है। वैक्सीन खरीद पर जीएसटी मुक्त करने को लेकर अलग-अलग राज्य के मुख्यमंत्री केन्द्र सरकार को पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक केन्द्र ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।
वैक्सीन की कीमत 300 रूपए, पर राज्य चुका रहे 315 रूपए
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री सुभाष गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार को मिलने वाले कोरोना वैक्सीन पर केंद्र सरकार 5 प्रतिशत जीएसटी वसूल रही है। सीरम इंस्टीट्यूट राज्य को एक डोज 315 रुपए में दे रहा है। इसकी मूल कीमत 300 रुपए है। गर्ग ने बताया, राजस्थान सरकार ने 18 के वैक्सीनेशन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट को पहली खेप में 3.75 करोड़ वैक्सीन डोज का ऑर्डर दिया था। हर डोज पर केंद्र सरकार 15 रुपए का टैक्स वसूल रही है। पहली खेप की डोज पर ही 56 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चुकानी पड़ रही है।
गर्ग का कहना है कि 18 साल से ऊपर की पूरी आबादी को दोनों डोज लगाने के लिए 7.50 करोड़ वैक्सीन की जरूरत होगी। दोनों खेप को मिलाकर केंद्र सरकार 112 करोड़ की जीएसटी वसूल लेगी। केंद्र जीएसटी माफ कर दे तो 18 लाख से ज्यादा की आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लगाने जितना पैसा बच जाएगा।


