10 दिन में मदद मिली भी तो सिर्फ केन्द्र सरकार द्वारा संचालित हाॅस्पिटल्स को
नई दिल्ली,(ARLive news)। भारत में कोरोन के कारण मची तबाही को देखकर भले ही दूसरे देशों ने हमारी मदद के लिए तत्परता के साथ ऑक्सीजन और दवाईयां भेज दी हों, लेकिन इनके राज्यों में वितरण को लेकर केन्द्र सरकार विफल साबित हो रही है।
ऑक्सीजन और दवाइयों को आए 10 दिन हो गए, लेकिन अब भी ये राज्यों तक नहीं पहुंची हैं। क्यों कि इन्हें वितरित करने की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने में ही केन्द्र सरकार ने 7 दिन लगा दिए। जबकि जिस तरह से देश में कोहराम मचा हुआ है, ये ऑक्सीजन और दवाईयां तुरंत राज्यों तक पहुंच जाती तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता था।
25 अप्रेल को पहुंची मदद, 2 मई को जारी हुई एसओपी
एनडीटीवी और द हिंदू समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक दिल्ली एयरपोर्ट पर ही 25 से ज्यादा फ्लाइट्स विदेशी मदद लेकर आई हैं। जिनमें 5500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, 3200 ऑक्सीजन सिलेंडर और एक लाख 36 हजार रेमडेसिविर के इंजेक्शन भारत को मिल चुके हैं। देश में लोग ऑक्सीजन की कमी से मरते रहे और ये मेडिकल मदद 7 दिन तक देश के एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर खड़ी रही।
भारत में मेडिकल मदद का पहला कंसाइनमेंट 25 अप्रैल को पहुंचा था। उसके बाद मेडिकल ऑक्सीजन और लाइफ सेविंग ड्रग्स लगातार भारत पहुंच रहे हैं। जबकि इसके राज्यों में वितरण के SOP स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 मई को जारी की।
केंद्र द्वारा संचालित अस्पतालों को ही मिली मदद
द हिंदू की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिन अस्पतालों को विदेश से आयी मदद पहुंचायी गयी है, उनमें ज्यादातर अस्पताल केंद्र सरकार द्वारा संचालित हैं। दिल्ली का ही उदाहरण लें तो यहां द लेडी हॉर्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, AIIMS, DRDO और ITBP के अस्पताल को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई है। जबकि दिल्ली हर हॉस्पिटल ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये कहा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि विदेश से अब तक करीब 40 लाख आइटम्स आए हैं। इनमें दवाओं समेत तमाम मेडिकल इक्विपमेंट्स भी शामिल हैं। ये जो सामान आए हैं, इनमें से ऑक्सीजन सिलेंडर और कुछ जीवनरक्षक दवाएं 38 इंस्टीट्यूशंस और अस्पतालों को दी गई हैं।
राज्यों और उनके अस्पतालों को मेडिकल सप्लाई पर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मदद भेजने की प्रक्रिया जारी है और उन्हें जल्द मदद उपलब्ध कराई जाएगी।


