निर्मल और शाहनवाज की तरह क्या हम सब मिलकर प्रशासन की मदद से कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं कर सकते..!
लकी जैन,(ARLive news)। देश के सभी राज्यों में कोरोना से जूझ रहे हजारों मरीज एक-एक सांस के लिए तड़प रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से कोरोना मरीजों की मौतें हो रही हैं। इस भयानक मंजर के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो हर मुश्किल को आसान कर कोरोना पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। संयुक्त स्तर पर सिखों के कई गुरुद्वारों में मुफ्त ऑक्सीजन देने का इंतजाम भी किया गया है। कई मस्जिदें भी रमजान के इस पावन महीने में कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए जुट गयी हैं।
इस बीच देश में कुछ शख्सियतें ऐसी भी हैं, जो अपने प्रयासों से कोरोना से जूझ रहे कई मरीजों की उखड़ती सांसों को सहारा दे रहे हैं।
दोस्त को ऑक्सीजन की कमी से मरते देखा तो बना दिया ब्रीद बैंक

जोधपुर निवासी निर्मल गहलोत ने ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए ऑक्सीजन ब्रीदिंग बैंक ही बना दिया है। इन्होंने बताया कि गत दिनों उनके दोस्त की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गयी। गत वर्ष उनकी मां भी उपचार के दौरान एक-एक सांस के लिए जूझती रहीं। इसलिए कोरोना मरीजों के लिए ब्रीदिंग बैंक स्थापित किया है। 1 मशीन की कीमत करीब 40 हजार रूपए हैं और 500 मशीन खरीदने का लक्ष्य है।
निर्मल गहलोत ने बताया कि 10 मशीनें जोधपुर आ गयी हैं। यह ऑक्सीजन पोर्टेबल मशीन है। कोरोना के जिन गंभीर मरीजों को हाॅस्पिटल में ऑक्सीजन बैड नहीं मिल पा रहे हैं, यह उन्हें यह मशीन 100 रूपए प्रतिदिन किराए पर उनके घरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह ऑक्सीजन कन्संट्रेटर की तरह हवा से नाइट्रोजन अलग कर प्रति मिनट 5 लीटर ऑक्सीजन बनाती है और पाइप के जरिए मरीज को दी जाती है।
22 लाख की फोर्ड एंडेवर कार बेच खरीदे ऑक्सीजन सिलेंडर, शुरू की कोविड हेल्पलाइन

मुंबई के मलाड क्षेत्र रहने वाले शाहनवाज शेख को लोग “ऑक्सीजन मैन” के नाम पुकारने लगे हैं। शाहनवाज का प्रयास रहता है कि जरूरतमंद के सिर्फ एक फोन पर वे क्षेत्र में कोरोना से जूझ रहे मरीज को समय पर ऑक्सीजन पहुंचा सकें। शाहनवाज ने जब एक-एक सांस के लिए तड़प रहे कोरोना मरीजो को देखा तो कुछ अलग करने का इरादा किया।
उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदकर कोविड मरीजों को पहुंचाने का निर्णय किया। लेकिन इसके लिए उन्हें काफी धनराशि की जरूरत थी। इस पर उन्होंने अपनी 22 लाख रूपए की फोर्ड एंडेवर कार बेच दी। इससे जो रूपए आए, उससे ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे और मुंबई में कोरोना मरीजो की मदद के लिए कोविड हेल्पलाइन शुरू कर दी। अब शाहनवाज कोरोना मरीजों की उखड़ती सांसों को ऑक्सीजन पहुंचाकर संभाल रहे हैं।


