Jodhpur news,(ARLive news)। जोधपुर पूर्व के रातानाड़ा थाने में Bodhi International School शिकारगढ़ के संचालकों के खिलाफ शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज और शपथपत्र लगाकर मान्यता प्राप्त करने की एफआईआर दर्ज हुई है। मामला उजागर होते ही स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों में भी स्कूल की मान्यता को लेकर संशय पैदा हो गया है।
एफआईआर स्कूल को संचालित कर रही गुरूदेव कमल विजय मेमोरियल सोसायटी के सदस्य पति-पत्नी नरेश-नीतू बोथरा, नमित-आशा भंडारी, मनोज-शैली बोथरा, नीतेश-नमिता भंडारी, श्यामलाल-लीलादेवी बोथरा, नीतेश और नमित भंडारी के माता-पिता शुशरीला-नेमीचंद भंडारी, नेमीचंद के भाई शांतिचंद भंडारी, सहित जगदीश चंद बोथरा, गुरूदेव कमल विजय मेमोरियल सोसायटी प्रबंधक और Bodhi International School सचिव के खिलाफ आईपीसी की धारा 193, 420, 466, 467, 468, 469, 471, 474 और 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।
जेडीए ने कहा स्कूल को भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं दी गयी

प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि बोधी इंटरनेशनल स्कूल शिकारगढ़ गुरूदेव कमल विजय मेमोरियल सोसायटी द्वारा संचालित है। इस सोसायटी के सदस्यों और बोधी इंटरनेशनल स्कूल के सचिव नमित भंडारी और प्रबंधक ने मिलकर शिक्षा विभाग में 26 जुलाई 2018 को फर्जी और मित्था दस्तावेज व शपथपत्र लगाकर स्कूल की मान्यता प्राप्त की है।
शिक्षा विभाग में लगाए गए दस्तावेज में Bodhi International School प्रबंधन और सचिव ने शपथपत्र में लिखा है कि स्कूल भवन का निर्माण जोधपुर विकास प्राधिकरण से अनुमोदित मानचित्र के अनुरूप हुआ है। जबकि जेडीए का कहना है कि जोधपुर विकास प्राधिकरण से बोधी इंटरनेशनल स्कूल शिकारगढ़ को भवन निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की गयी। जेडीए ने इस संबंध में प्रार्थी को आरटीआई के तहत सूचना मांगे जाने पर लिखित में भी यही जानकारी दी है।
ऐसे में प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि सोसायटी सदस्यों और स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ सांठ-गांठ कर फर्जी दस्तोवज के आधार पर शिक्षा विभाग से स्कूल संचालन की मान्यता प्राप्त की है।


