सीकर,(ARLive news)। सीकर जिले के श्रीमाधोपुर के अरनियां गांव में शुक्रवार को हुई कोरोना वैक्सीनेशन के 45 मिनट में तबीयत बिगड़ने से 66 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के मामले में गुस्साये परिजन व ग्रामीण आज सुबह से सीएचसी के बाहर धरने पर बैठे हैं। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। परिजनों ने कलेक्टर श्रीमाधोपुर से 50 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
जानकारी के अनुसार मेडिकल टीम द्वारा शुक्रवार को उपस्वास्थ्य केंद्र पर लगाये गये कोरोना वैक्सीनेशन का कैम्प में बागवाली ढाणी निवासी 66 वर्षीय रामेश्वर लाल सैनी अपने भतीजे के साथ बाइक से दोपहर करीब 3.15 बजे पहुंचे। यहां उन्होंने कोरोना का टीका लगवाया, लेकिन मेडिकल टीम ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में नहीं रखा। इसके बाद रामेश्वर करीब 20 मिनट बाद जैसे ही घर पहुंचे, उन्हें सर्दी लगने लगी और कंपकंपी छूटने लगी। इस पर भतीजा रामेश्वर को तुरंत रींगस के निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां उनके मुंह में झाग आने और कंपकंपी बंद नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल से बाहर निकलते ही उनकी मौत हो गई। वैक्सीनेशन के करीब 45 मिनट बाद बुजुर्ग की मौत हो गई।
परिजन शव को लेकर श्रीमाधोपुर सीएचसी पहुंचे
इसके बाद परिजन शव को लेकर श्रीमाधोपुर सीएचसी पहुंचे। डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर ग्रामीण भी धरने पर आकर बैठ गए। मृतक के भतीजे राजू सैनी ने बताया कि रामेश्वर प्रसाद को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। पांच साल से कभी जुकाम तक नहीं हुआ था। वह बिल्कुल स्वस्थ थे।
ब्लॉक सीएमओ डॉ. जेपी सैनी का कहना है कि 512 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। पोस्टमार्टम के बाद ही बुजुर्ग की मौत का वास्तविक कारण पता चल पाएगा। लेकिन परिजनों के विरोध के कारण अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका है।


