यह क्लब की छवि को धूमिल करने का प्रयास है: वाइस प्रेसीडेंट
उदयपुर,(ARLive news)। शहर के प्रतिष्ठित लोगों से जुड़े फील्ड क्लब के सदस्य भानु प्रताप पर लगे दुष्कर्म के आरोप और फील्ड क्लब के बाथरूम में महिला सदस्यों की आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप के मामले में जल्द ही कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (FR) पेश हो जाएगी।
मामले में दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली परिवादी महिला ही नहीं मिली है, तो उसके द्वारा लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की तस्दीक नहीं हो सकी है। इसलिए पुलिस इसमें एफआर पेश कर देगी। थानाधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि परिवादिया हमारे समक्ष आती है या इस संबंध में कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलते हैं तो एफआर को रीओपन कर दोबारा जांच शुरू कर दी जाएगी।
मामले में भानु प्रताप का कहना है कि यह शिकायत पूरी तरह निराधार और झूठी है। मैं चाहता हूं कि पुलिस इसमें हर प्रयास कर इस झूठी शिकायतकर्ता व्यक्ति (चाहे वह महिला हो या पुरूष) को पकड़े, ताकि सच सामने आ सके। कोई मुझे बदनाम करने के लिए ऐसे झूठे परिवाद कर रहा है। मैं खुद एसपी साब से मिलकर उनसे इस संबंध में निवेदन करूंगा कि मामले में शिकायतकर्ता तक पहुंचने के हर प्रयास किए जाएं। ऐसे झूठे परिवाद से मुझे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
ये थे आरोप
एसपी राजीव पचार को गत महीने डाक के जरिए एक परिवाद प्राप्त हुआ था। महिला ने घटनाक्रम गत वर्ष 2020 का बताया है। उस परिवाद में लिखा है कि फील्ड क्लब की सदस्य है और उसके पति शहर के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उसका क्लब में रोज आना-जाना होता है। 20 जनवरी (गत वर्ष) को जब वह फील्ड क्लब के शौचालय में गयी तो वहां मोबाइल कैमरा चल रहा था, इसमें उसकी रिकाॅर्डिंग हो गयी।
परिवाद में महिला आगे लिखती है कि 23 जनवरी को जब वह क्लब गयी तो भानु प्रताप मिले। उन्होंने बाथरूम का वीडियो दिखाया और इसे वायरल करने की धमकी देते हुए फतहपुरा स्थित एक होटल में बुलाया। 28 जनवरी को महिला होटल पहुंची तो भानु प्रताप उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके दोस्तों ने वीडियो बनाया। तब से वे लोग उसका शोषण कर रहे हैं। महिला ने परिवाद में लिखा है कि उसके अलावा अन्य और भी महिला सदस्य है जो इस प्रकार की पड़िताएं हैं।
परिवादिया मिलती तो आगे जांच होती
गत महीने अंबामाता थाने में एफआईआर दर्ज हुई। तत्कालीन थानाधिकारी लक्ष्मणराम ने जांच की। उन्होंने परिवाद में दिए पते के आधार पर परिवादिया से संपर्क करना चाहा तो उस पते और क्षेत्र में उस नाम की कोई महिला नहीं मिली। फील्ड क्लब के महिला सदस्यों की सूचि ली तो उसमें भी आरोप लगाने वाली महिला के नाम की कोई सदस्य नहीं मिली। चूंकि आरोप दुष्कर्म का है तो परिवादिया का होना जरूरी है। काफी प्रयासों के बाद जब परिवादिया नहीं मिली तो पुलिस ने जांच बंद कर दी है।
एसपी राजीव पचार ने बताया कि परिवाद में आरोप गंभीर थे, इसलिए एफआईआर दर्ज करवा जांच करवायी गयी। परिवाद में बतायी गयी महिला मिली ही नहीं है। मामला दुष्कर्म के आरोप का है तो परिवादिया का मिलना जरूरी है। क्यों कि वह महिला ही परिवाद में बताए आरोपों की तस्दीक करवा सकती है। उसके तलाश के प्रयास किए गए, जब वह नहीं मिली तो मामले में एफआर के आदेश दे दिए हैं। भविष्य में महिला सामने आती है और कोई साक्ष्य प्रस्तुत करती है तो मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
क्लब की छवि धूमिल करने का प्रयास है : वाइस प्रेसीडेंट
फील्ड क्लब के वाइस प्रेसीडेंट मनवीर सिंह कृष्णावत ने बताया कि क्लब के महिला शौचालय में मोबाइल कैमरे से रिकाॅर्डिंग करने का आरोप पूरी तरह झूठ, निराधार और काल्पनिक है। इससे क्लब की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। हमारे यहां आने वाली बहन बेटियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है और सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम है।
आज तक ऐसी कभी कोई घटना नहीं हुई है और ध्यान रखा जाएगा कि भविष्य में भी ऐसी कोई घटना न हो। फील्ड क्लब की ओर से प्रतिनिधि मंडल एसपी साब से मिलने जाएगा और हम निवेदन करेंगे कि पुलिस इस प्रकार के झूठे आरोप लगाने वाली महिला की पड़ताल कर उस तक पहुंचे और उसके खिलाफ कार्यवाही करे। ताकि भविष्य में फिर कोई क्लब की छवि को धूमिल करने का प्रयास न करे।
क्या होती है एफआर
किसी मामले की FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू करती है। एफआईआर में मामला झूठा पाया जाता है तो फाइनल रिपोर्ट (FR) कोर्ट में पेश कर जांच बंद कर दी जाती है। इस मामले में चूंकि आरोप लगाने वाली परिवादिया ही नहीं मिली तो उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुष्टि नहीं होती है। ऐसे में इसमें एफआर दी गयी है।


