नई दिल्ली,(ARLive news)। केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन का आज सौवां दिन है। 100 दिन पूरे होने पर किसानों द्वारा दिल्ली व दिल्ली की सीमाओं के विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक जाम करने की घोषणा की कई है। किसान नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन खत्म नहीं होने जा रहा और वे “मजबूती से बढ़” रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों से आह्वान पर 100 दिन पूरे होने पर काली पट्टी बांध अपना विरोध दर्ज कराया। सिंघु बॉर्डर से किसान कुंडली पहुंचे और एक्सप्रेस वे का रास्ता ब्लॉक कर इस मार्ग पर पड़ने वाले टोल प्लाजा को भी ब्लॉक किया।
लंबे आंदोलन ने दिया एकता का संदेश
किसानों का कहना है कि इस लंबे आंदोलन ने एकता का संदेश दिया है और “एक बार फिर किसानों को सामने लेकर आया” है और देश के सियासी परिदृश्य में उनकी वापसी हुई है।
बीते करीब तीन महीनों से दिल्ली की तीन सीमाओं सिंघू, टीकरी और गाजीपुर में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान डटे हुए हैं। इन किसानों में मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक जरूरत होगी वे प्रदर्शन जारी रखने के लिये तैयार हैं। इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे किसान नेताओं में से एक टिकैत ने कहा कि हम पूरी तरह तैयार हैं। जब तक सरकार हमें सुनती नहीं, हमारी मांगों को पूरा नहीं करती, हम यहां से नहीं हटेंगे।


