पुडुचेरी,(ARLive news)। पुडुचेरी से कांग्रेस को बडा झटका लगा है। विधानसभा में बहुमत साबित करने के चलते कांग्रेस-डीएमके की गठबंधन सरकार गिर गई। पुडुचेरी में कांग्रेस का भविष्य निर्धारित करने के लिए एक दिन का विशेष सत्र सोमवार सुबह शुरू हुआ था, जिसमें स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार के पास बहुमत नहीं है।
दरसअल विशेष सत्र शुरू होने के कुछ मिनटों बाद वी नारायणसामी ने विश्वास मत का प्रस्ताव रखा, लेकिन प्रस्ताव को मतदान के लिए रखे जाने से पहले ही वो और उनके सत्ताधारी पक्ष के विधायक वॉक आउट कर गए। स्पीकर पी शिवकोलंधु ने घोषणा की कि वो विश्वास मत हार गए हैं।
सरकार गिरने के बाद नारायणसामी का दर्द छल्क उठा। उन्होंने कहा कि विधायकों को पार्टी के प्रति वफादार रहना चाहिए। इस्तीफा देने वाले विधायक लोगों का सामना नहीं कर पाएंगे क्योंकि लोग उन्हें अवसरवादी कहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व उप राज्यपाल किरण बेदी और केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ सांठगांठ करके सरकार को गिराने की कोशिश की।
कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने से गिरी सरकार
नारायणसामी ने कहा कि हमने डीएमके और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी, उसके बाद हमने कई चुनाव लड़े हैं। हमने सभी उप-चुनाव जीते हैं। स्पष्ट है कि पुडुचेरी के लोग हम पर भरोसा करते हैं। इससे पहले उन्होंने सदन को बताया था कि उनकी सरकार के पास बहुमत है। पुडुचेरी की नवनियुक्त उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी को विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। विपक्ष के सत्तारूढ़ कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के बहुमत खोने का दावा करने के बाद राज्यपाल ने यह निर्देश दिया था।
कांग्रेस के विधायक के.लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक के विधायक वेंकटेशन के रविवार को इस्तीफा देने के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई है, जबकि विपक्षी दलों के 14 विधायक हैं। पूर्व मंत्री ए. नमसिवायम (अब भाजपा में) और मल्लाडी कृष्ण राव समेत कांग्रेस के चार विधायकों ने इससे पहले इस्तीफा दिया था, जबकि पार्टी के एक अन्य विधायक को अयोग्य ठहराया गया था। नारायणसामी के करीबी ए. जॉन कुमार ने भी इस सप्ताह इस्तीफा दे दिया था।


