जयपुर,(ARLive news)। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर गुरूवार को हुए किसानों के रेल रोको आंदोलन का असर देश के विभिन्न हिस्सों में नजर आया। किसानों ने सुबह 12 बजे से ही रेल की पटरियों पर बैठकर और इंजन पर चढ़कर रेल रोंकी और प्रदर्शन किया। रेल रोका का ज्यादा असर दिल्ली के आस-पास, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान के करीब 10 जिलों सहित अन्य राज्यों में दिखाई दिया। सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा विशेष बल की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात कर दी गयीं।

सुबह 12 बजते ही दिल्ली के आसपास किसानों ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया है। गाजीपुर बॉर्डर के पास मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हुए और रेल रोकीं। आंदोलन को देखते हुए टिकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन की एंट्री और एग्जिट बंद किए गए।
राजस्थान की राजधानी जयपुर के गांधीनगर, चौमू, अलवर के मालाखेड़ा, अराजका, बारां, बूंदी, कोटा, झुंझुनू, हनुमानगढ़, बीकानेर जिलों में प्रदर्शनकारी पटरियों पर बैठ गए और ट्रेन रोक दीं। जयपुर के गांधीनगर स्टेशन पर आंदोलनकारियों ने गुड्स ट्रेन रोकी। प्रदर्शनकारी ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद आरपीएफ के जवानों ने इंजन से प्रदर्शनकारियों को उतारा तो वह ट्रैक पर बैठ गए। चौमूं में भी प्रदर्शनकारी ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। बीकानेर में भी आंदोलनकारियों ने ट्रेन रोक कर इंजन पर चढ़ गए। बीकानेर रेलवे स्टेशन और कोटगेट क्रासिंग पर भी प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी। बीकानेर के इस ट्रैक से श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ व पंजाब की ओर जाने वाली रेलगाड़ियां गुजरती हैं।


