कोटा,(ARLive news)। नयापुरा थाना क्षेत्र में एक पिता द्वारा अपनी ही 17 वर्षीय विमंदित बेटी के साथ दुष्कर्म फिर गर्भ न गिराने पर 2015 में उसकी हत्या के मामले में पोस्को कोर्ट-1 ने बुधवार को फांसी की सजा बरकरार रखा है। कोर्ट ने इसे अति गंभीर, जघन्य प्रकृति, हृदय विदारक अपराध मानते हुए आदेश दिया कि दोषी को फंदे से तब तक लटकाया जाए जब तक कि उसकी मौत न हो जाए।
कोर्ट ने कहा कि ये समाज विरोधी प्रकृति का अपराध है। जिसमें उसने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ रेप के बाद हत्या की। जिससे न केवल पिता-पुत्री का रिश्ता तार-तार हुआ है, बल्कि इससे समाज में भी असुरक्षा और भय पैदा हुआ है। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी समाज की मुख्यधारा में जुड़ने योग्य नहीं है। विरल से विरलतम मानकर आरोपी को दंडित किया जाता है। इससे न केवल समाज में एक मिसाल कायम होगी, बल्कि समाज के मस्तिष्क पटल पर इसका सकारात्मक प्रभाव होगा। इस प्रकार की मनोवृति रखने वाले अपराधियों का मनोबल टूटेगा।


