उदयपुर,(ARLive news)। सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर की टीम ने शनिवार को राजसमंद के देवगढ़ में छापा मारकर लग्जरी कार से 20 किलो अफीम बरामद की है। इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 2 करोड़ रूपए आंकी गयी है। सीआईडी सीबी की टीम ने अफीम के साथ 5 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। इसमें एक अफीम खरीददार और उसका साथी दूसरी गाड़ी से अफीम रखी गाड़ी को एस्काॅर्ट कर रहे थे।
पुलिस महानिरीक्षक पुलिस (अपराध) विजय कुमार सिंह ने बताया अफीम खरीददार पाली निवासी जेठा राम पुत्र गुमान राम देवासी, नारायण लाल पुत्र तेजा राम गुर्जर, और अफीम तस्कर-सप्लायर राशमी चित्तौड़गढ़ निवासी भगवान लाल पुत्र गणेश तेली, भंवर लाल पुत्र चुन्नी लाल पारीक और जमना लाल गुर्जर पुत्र भोनीराम गुर्जर को गिरफ्तार किया है।
अफीम खरीददार को पकड़ा तो सप्लायर भी पकड़े गए
सीआईडी (क्राईम ब्रांच) को चित्तौड़गढ़ से पाली एवं जोधपुर की तरफ अफीम तस्करी कर ले जाने की सूचना थी। इस पर उपअधीक्षक सूर्यवीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक राम सिंह, कांस्टेबल मुकेश, विनोद, रामनिवास, गंगाराम, अभिमन्यु सिंह की टीम ने चित्तौड़गढ़ से मारवाड़ जाने वाले रूट में भीलवाड़ा के गंगापुर में नाकाबंदी कर एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी की।
कार में बैठे पाली निवासी जेठा राम, नारायण लाल ने पूछताछ में बताया कि वह आज चित्तौड़गढ़ के गांव रूद व मुरोली गए थे। वहां से भंवर लाल पारीक, भगवान लाल तेली व जमना लाल गुर्जर से 20 किलो अफीम खरीदी तथा वे ही अफीम को हमारे गांव तक पहुंचाएंगे। अफीम खरीदार से प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से देवगढ़ में नाकाबंदी की और कामलीघाट चैराहे पर संदिग्ध गाड़ी को रोका। कार की तलाशी में 20 किलो अफीम बरामद हुई। इस पर कार में बैठे भगवान लाल, भंवर लाल और जमना लाल को गिरफ्तार किया है।
गाड़ी में रखते हैं दवाइयों की पर्चियां
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले काफी समय से पश्चिमी राजस्थान में अफीम तस्करी में लिप्त हैं। अफीम की डिलीवरी भी ये खुद करते हैं। अफीम ले जाते समय ये साथ में सूटकेस में दवाइयों की पर्चियां रखते हैं, ताकि कोई रास्ते में रोके तो स्वयं को बीमार व इलाज कराने के लिए जाना बताकर बच कर निकल सके। इस तरकीब से आरोपी पहले भी कई बार अफीम की डिलीवरी मारवाड़ तक कर चुके हैं।


