नई दिल्ली,(ARLive news)। केंद्र सरकार एक बार फिर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को मनाने में जुट गई है। जहां एक तरफ आज सरकार और किसानों के बीच पांचवें दौर की वार्ता शुरु हो गयी है, ताे वहीं दूसरी तरफ किसानों ने नतीजा नहीं निकलने पर संसद का घेराव करने की धमकी दे डाली।
केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले किसानों ने कहा कि अगर आज कोई नतीजा नहीं निकला तो संसद का घेराव करेंगे। किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हैं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठोस भरोसा चाहते हैं। वहीं केंद्र सरकार कानूनों को वापस लेने की बात तो नहीं मान रही है लेकिन किसानों की कुछ ऐसी मांग हैं जिनपर सरकार राजी होती दिख रही है।
किसानों के प्रतिनिधियों की आज एक बार फिर सरकार से बातचीत होनी है। इस वार्ता में सरकारी पक्ष का नेतृत्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर करेंगे और उनके साथ खाद्य मंत्री पीयूष गोयल एवं वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोमप्रकाश भी होंगे।
इससे पहले किसान नेताओं और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई लगभग 8 घंटे की बातचीत में कोई हल नहीं निकल सका था। किसान नेता नए कृषि कानूनों को रद्द करने की अपनी मांग पर डटे रहे।


