जयपुर,(ARLive news)। राजस्थान में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते मुख्यमंत्री ने शनिवार रात मंत्री परिषद की बैठक में 8 क्रिटिकल जिलों में रात्री कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, अलवर और भीलवाड़ा जिलों को शामिल किया है। इन 8 जिलों के नगरीय क्षेत्र में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक हर दिन रात्री कर्फ्यू लागू कर दिया है। इन 8 जिलों के नगरीय क्षेत्र में शाम 7 बजे बाजार बंद हो जाएंगे और रात्री 8 बजे से कर्फ्यू लागू होगा।
हालां कि इस नाइट कर्फ्यू के दौरान विवाह समारोह में जाने वाले, दवाइयों सहित अति आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों तथा बस, ट्रेन एवं हवाई जहाज में सफर करने वालों को आवागमन हेतु नाइट कर्फ्यू के दौरान छूट रहेगी। सीएम अशोक गहलोत ने मास्क को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। मास्क नहीं पहनने पर लगाया जाने वाला जुर्माना बढ़ाकर अब 500 रूपये कर दिया गया है। पहले यह जुर्माना राशि 200 रूपये थी।
अधिक संक्रमण वाले 8 जिलों में 75 प्रतिशत कार्मिक अनुमत
इन आठ जिलों (जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर एवं भीलवाड़ा) में जिला मुख्यालय स्थित नगरीय क्षेत्र में ऐसे राजकीय एवं निजी कार्यालयों एवं संस्थान जहां 100 से अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहां कार्य दिवसों में कार्मिकों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
विवाह एवं अन्य समारोहों में अधिकतम 100 लोग शामिल हो सकेंगे
बैठक में तय किया गया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश में विवाह समारोह सहित राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक इत्यादि आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 100 होगी। राज्य सरकार के इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
कम गंभीर कोविड रोगियों को निजी कोविड अस्पतालों में भी डे-केयर सुविधा
बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों में भी रोगी की मांग पर राजकीय कोविड चिकित्सालयों की तरह डे-केयर उपचार की अनुमति राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर होगी। डे-केयर उपचार के तहत कम गंभीर कोविड रोगियों को जरूरी दवाइयां एवं अन्य चिकित्सा उपलब्ध कराने के बाद दो-तीन घंटे के भीतर वापस घर भेजा जा सकेगा। डे-केयर सुविधा से अस्पतालों में भर्ती होने के लिए आने वाले गंभीर रोगियों को बिस्तर की उपलब्धता में आसानी रहेगी।
निजी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल कोविड अस्पताल बन सकेंगे
निजी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े कुछ अस्पताल जरूरत पड़ने पर कोविड डेडिकेटड अस्पताल बनाने के लिए अधिगृहित करने हेतु सैद्धान्तिक सहमति दी गई। इसकी विस्तृत प्रक्रिया तय करने एवं कार्यवाही के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। मेडिकल कॉलेज तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष के मेडिकल छात्रों की कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इन मेडिकल छात्रों को कोविड-19 के लिए ड्यूटी पर भी लगाया जा सकेगा।
प्रदेश के जिन कन्टेनमेंट क्षेत्रों में पॉजिटिव रोगी अधिक मिले हैं वहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर विशेष सर्वे करवाया जाएगा एवं सर्विलांस टीमों को एक्टिव किया जाएगा। साथ ही लक्ष्य आधारित टेस्टिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कि शुरूआती दौर में संक्रमण की पहचान होकर समय पर उपचार किया जा सके।


