उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और एटीएस ने आज मंगलवार को उदयपुर में कम्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर पद की प्रतियोगी परीक्षा दे रहे फर्जी अभ्यर्थी सहित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी अभ्यर्थी सांगाराम सागवाड़ा डूंगरपुर निवासी नरेश पाटीदार की जगह परीक्षा देने आया था।
एसओजी की टीम ने जब बीएन काॅलेज पहुंची, आरोपी सांगाराम सभी प्रकार की चेकिंग से गुजर कर परीक्षा देने शुरू कर चुका था। वहीं गिरोह के अन्य आरोपी सेंटर के बाहर पकड़े गए, जिनसे 50 हजार रूपए भी बरामद हुए हैं। यह परीक्षाराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन की ओर से हो रही थी और उदयपुर में बीएन काॅलेज परीक्षा केन्द्र था।
सरगना सहित असली अभ्यर्थी सभी सेंटर के बाहर मिले
पुलिस ने बताया कि गिरोह सरगना बाड़मेर निवासी झूमरलाल 25 पुत्र देवाराम चैधरी, देवाराम 27 पुत्र राणा राम चौधरी, डूंगरपुर निवासी राकेश भील पुत्र भूपेन्द्र भील, डांगियावास निवासी अनिल कुमार पुत्र नेनाराम विष्नोई और अभ्यर्थी डूंगरपुर निवासी नरेश पाटीदार 30 पुत्र गोपाल पाटीदार और फर्जी अभ्यर्थी बाड़मेर निवासी सांगाराम 21 पुत्र राणाराम चौधरी को गिरफ्तार किया है। सांगाराम और देवाराम दोनों भाई है।
परीक्षा देने के फर्जी अभ्यर्थी को मिलते 50 हजार रूपए
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि परीक्षा देने के फर्जी अभ्यर्थी को 50 हजार रूपए मिलने थे। इसमें गिरोह का सरगना झूमरलाल है। डूंगरपुर निवासी राकेष भील ने बिचैलिए का काम किया। राकेष ने नरेष पाटीदार से बात की और उसकी जगह किसी अन्य से परीक्षा दिलवाने के लिए कहा और इसके बदले 4 लाख रूपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद राकेष ने सरगना झूमरलाल से संपर्क किया। झूमरलाल ने फर्जी अभ्यर्थी सांगाराम के भाई देवाराम से संपर्क किया। देवाराम के कहने पर सांगाराम असली अभ्यर्थी बनकर उसकी जगह परीक्षा देने उदयपुर आया। इसमें अनिल ने भी देवाराम की पूरी मदद की।
कार्यवाही करने वाली टीम: एटीएस-एसओजी मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर एटीएस इंस्पेक्टर विजय कुमार आर्य, एसओजी सब इंस्पेक्टर सुबोध जांगीड़, हेडकांस्टेबल धमेन्द्र सिंह, कांस्टेबल प्रदीप सिंह और एटीएस कांस्टेबल भीम सिंह ने यह पूरी कार्यवाही की।


