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सीबीएसई अप्रूव्ड नहीं है उदयपुर का नीरजा मोदी: स्कूल कर रहा गुमराह

arln-admin by arln-admin
October 20, 2020
Reading Time: 1 min read
udaipur neerja modi school is not cbse approved


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परिजन सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर देखें, फिर लें स्कूल में प्रवेश का निर्णय..! खबर में हर जानकारी जो परिजन के लिए जाननी जरूरी है..!
सातवीं के बाद कहां पढ़ेगा बच्चा..?

उदयपुर,(ARLive news)। खेलगांव के कन्वेंशन सेंटर को औने-पौने दामों में ठेके पर देने और पूरे मामले के हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद सुर्खियों मेें आए स्कूल नीरजा मोदी के बारे में यह जानकार आप सभी को हैरानी होगी कि यह स्कूल सीबीएसई से अप्रूव्ड नहीं है। यह जानकारी हमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (CBSE) से प्राप्त हुई है और नीरजा मोदी स्कूल के संचालक ने भी इसकी पुष्टि की है कि उदयपुर का नीरजा मोदी स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त नहीं है।

नीरजा मोदी स्कूल सीबीएसई ही क्या, किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में यहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य भी खतरे में है कि सातवीं कक्षा के बाद बच्चा कहां जाएगा। किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं होने से छात्र नीरजा मोदी स्कूल में सातवीं के बाद आठवीं कक्षा की पढ़ाई नहीं कर सकेगा और ज्यादातर अच्छे स्कूलों में सातवीं के बाद आठवीं में प्रवेश दिला पाना माता-पिता के लिए आसान नहीं होता है।

स्कूल काउंसर पेरेंट्स को करते हैं गुमराह

शिकायत मिलने पर एआर लाइव न्यूज ने खुद बतौर पेरेंट्स स्कूल में बच्चे के प्रवेश के लिए बात की, तो काउंसलर ने सही जानकारी नहीं दी। काउंसलर ने कहा स्कूल एर्थ क्लास (आठवीं) तक है, स्कूल का सीबीएसई एफिलिएशन है और सीबीएसई पैटर्न पर ही बच्चों को पढ़ाया जाता है। भविष्य में हम जयपुर नीरजा मोदी स्कूल की तरह कैम्ब्रिज से मान्यता प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। काउंसलर ने बार-बार पूछे जाने पर भी स्पष्ट नहीं किया कि स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त नहीं है। इस तरह से प्रवेश के समय पेरेन्ट्स को भी पूरी जानकारी नहीं देकर गुमराह किया जा रहा है।

परिजन स्कूल में बच्चे का एडमीशन से पहले CBSE वेबसाइट जरूर देखें

सीबीएसई ने भी अपनी वेबसाइट पर यह स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल में सातवीं और उससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को सीबीएसई का सिलेबस पढ़ाने के लिए भी सीबीएसई से एफिलिएशन लेना अनिवार्य है। अगर कोई स्कूल सीबीएसई से अप्रूवल लिए बगैर छात्रों को सीबीएसई का सिलेबस पढ़ा रहा है और बाद मे कोई समस्या खड़ी होती है तो उसके लिए सीबीएसई जिम्मेदार नहीं होगा।

नीरजा मोदी के सीबीएसई से मान्यता प्राप्त नहीं होने की जानकारी परिजन सीबीएसई की वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। क्यों कि वेबसाइट पर उदयपुर नीरजा मोदी स्कूल का नाम नहीं है। जबकि अन्य सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के नाम है।

यहां जानने वाली बात यह भी है कि एक नाम के स्कूल की अगर 10 फ्रेंचाइजी हैं तो उसके हर फ्रेंचाइजी के स्कूल का रजिस्ट्रेशन अलग-अलग होगा। जैसे नीरजा मोदी के ही जयपुर और चित्तौड़गढ़ की ब्रांच स्कूल के रजिस्ट्रेशन नंबर अलग हैं और इसकी जानकारी भी सीबीएसई की वेबसाइट पर हैं। लेकिन उदयपुर नीरजा मोदी का सीबीएसई में हीं कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है।

बच्चे पर आ सकता है मानसिक दबाव

शिक्षा विभाग से सेवानिवृत अधिकारी ने बताया कि उनकी दोहिती पहले नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ रही थी। लेकिन जब उन्होंने पड़ताल की और पता चला कि स्कूल किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है, तो वे अब दोहिती का नाम वहां से कटवा दिया है।

उन्होंने बताया कि नीरजा स्कूल वाले दावा करते हैं कि बच्चों को सीबीएसई का सिलेबस पढ़ाया जाता है। जब उनके पास सीबीएसई बोर्ड की मान्यता नहीं है तो वे आठवीं में बच्चे को नहीं पढ़ा सकते। राजस्थान बोर्ड आरबीएसई सीबीएसई की तुलना में ज्यादा कठिन होता है। नीरजा मोदी स्कूल से सातवीं कक्षा पास करने के बाद जब बच्चा आठवीं कक्षा में किसी अन्य सीबीएसई स्कूल में प्रवेष का प्रयास करेगा। सीट फुल होने या किसी अन्य कारण से उसे सीबीएसई स्कूल में प्रवेश नहीं मिल सका तो उसे राजस्थान बोर्ड के स्कूल की तरफ जाना होगा। नए स्कूल, नए माहौल में बच्चे के लिए राजस्थान बोर्ड का सिलेबस कवर करना बहुत मुश्किल हो जाएगा और उस पर व्यर्थ मानसिक दबाव बढ़ेगा।

85 हजार रूपए है फीस, नीरजा मोदी स्कूल की मिलती है मार्कशीट

स्कूल से फीस के बारे में जानकारी ली गयी तो बताया गया कि सातवीं कक्षा की एडमिशन फीस 85000 रूपए है। इसके अतिरिक्त स्टेशनरी व अन्य खर्चे अलग है। खासबात यह है कि इतने खर्चे के बाद भी कक्षा पास होने पर बच्चों को सिर्फ नीरजा मोदी स्कूल की मार्कशीट मिलती है, जिसमें किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त होने की बात नहीं लिखी होती।

सरकार से स्कूल चलाने की स्वीकृति है : महेन्द्र सोजतिया

उदयपुर के नीरजा मोदी स्कूल संचालक महेन्द्र सोजतिया ने बताया कि उन्होंने सरकार से स्कूल चलाने की स्वीकृति ली हुई है। उनका नीरजा मोदी स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त नहीं है। इसलिए वे अभी सातवीं कक्षा तक ही प्रवेश ले रहे हैं। स्कूल की विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश होने वाले छात्रों को नीरजा मोदी स्कूल के नाम से ही मार्कशीट दी जाती है।

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