छात्रों का आरोप : जवाब न देना पड़े तो प्रबंधन छुट्टी पर गया
उदयपुर,(ARLive news)। बीएन विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर कोर्स की डिग्री की मान्यता को लेकर सोमवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों ने इस संबंध में प्रबंधन से बात करने का प्रयास भी किया लेकिन कुलपति से लेकर रजिस्ट्रार में से कोई छात्रों से नहीं मिला। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय छात्रों की भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, उनके पास छात्रों को देने के लिए कोई जवाब नहीं है, इसलिए सभी छुट्टी पर चले गए हैं।
एआर लाइव न्यूज से फोन पर हुई बातचीत में भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय चेयरपर्सन प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली ने बताया कि विश्वविद्यालय का नाम खराब करने के लिए कुछ आंतरिक लोग यह गलत बात फैला रहे हैं और छात्रों को भड़का रहे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। नियमानुसार आईसीएआर की मान्यता प्राप्त करने एक बैच का पासआउट होना जरूरी होता है। हमारा पहला बैच इसी साल अगस्त सितंबर में पास आउट हुआ है और हमने आईसीएआर के एक्रीडिएशन के लिए आवेदन भी कर दिया है।
एग्रीकल्चर कोर्स की मान्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट करे विश्वविद्यालय : छात्र
घटनाक्रम के अनुसार सोमवार को बीएन काॅलेज के एग्रीकल्चर कोर्स के करीब 30 से 40 छात्र काॅलेज में पहुंचे। बीएन काॅलेज में एग्रीकल्चर कोर्स चलाने की मान्यता नहीं होने के बावजूद कोर्स चलाने को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। छात्रों ने कहा जब इस डिग्री की मान्यता ही नहीं है, तो काॅलेज में यह कोर्स क्यों पढ़ाया जा रहा है, क्यों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। छात्रों ने कहा बीएन विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार सामने आकर क्यों स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं कि डिग्री की मान्यता है या नहीं। नहीं है तो वे छात्रों के साथ क्यों खिलवाड़ कर रहे हैं।
छात्र नेता ने बताया कि डिग्री की मान्यता नहीं है, तो इन्होंने छात्रों के एडमीशन क्यों लिए..? अभी तक डीम्ड-2 से एफीलिएशन हुआ नहीं, तो प्रवेश लेने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गयी..? पहले पीड़ित छात्र इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय से जवाब मांग रहे थे, तो उन्हें यहां के प्रबंधन द्वारा धमकाया गया और दबाव बनाया गया कि कहीं कोई शिकायत नहीं करे। छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में यूजीसी की गाइडलाइंस भी पूरी तरह फोलो नहीं की जाती है।
कृषि संकाय के काॅलेज से प्रेक्टिकल की भूमि 30 किलोमीटर
गौरतलब है कि बीएन काॅलेज के कृषि संकाय की मान्यता को लेकर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। हर बार की तरह इस बार भी बीएन प्रबंधन ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया है। स्थिति यह है कि कृषि काॅलेज के प्रेक्टिकल के लिए जो जमीन है, वह शहर से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर वल्लभनगर रोड पर है। इतना दूर रोज छात्रों को जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि काॅलेज प्रबंधन छात्रों को प्रेक्टिकल के लिए इतना दूर भी कागजों में ले जा रहा है।
भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय चेयरपर्सन प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली ने बताया हमारे यहां के पास आउट हुए बच्चे कोटा यूनिवर्सिटी के एमएससी कोर्स की प्रवेष परीक्षा में बैठे हैं और 5 ने परीक्षा पास भी की है। जब मान्यता नहीं होती तो क्या कोटा यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा में बैठने देता। हम सभी मापदंड पूरे कर रहे हैं। प्रेक्टिकल वर्क के लिए छात्रों को बसों से फार्म तक ले जाया जाता है।


