हाथरस,(ARLive news)। हाथरस में 14 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म, रीढ़ की हड्डी तोड़ने, जीभ काट देने की हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता की मंगलवार रात मौत हो गयी। हाथरस पुलिस ने पीड़िता का शव परिजनों को सुपुर्द तक नहीं किया और खुद ही आधी रात को श्मशान घाट ले जाकर जबरन अंतिम संस्कार कर दिया। पीड़िता के परिजन उसका आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख पाए। पुलिस ने परिजनों को अंतिम संस्कार से दूर रखा। पुलिस के इस कृत्य के खिलाफ देश में लोग आक्रोशित हैं।
हम दलित और आरोपी दबंग है, इसलिए पुलिस मामला निपटाना चाहती है
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद जब पुलिस शव को जबरन श्मशान घाट ले जा रही थी, तो परिजनों ने एम्बुलेंस के आगे लेट कर और बोनट से चिपक कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। परिजनों ने कहा सुबह होने तक का इंतजार कर लीजिए। रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार हो जाएगा। लेकिन पुलिस वालों ने किसी की एक नहीं सुनी, परिजनों के साथ मारपीट कर उन्हें हटाया और शव को अंतिम संस्कार स्थल तक ले गए। वहां पुलिस वालों ने मानव श्रृंखला बना दी, ताकि कोई परिजन या मीडिया वहां नहीं पहुंच सके और इसके बाद जबरन चिता को आग लगाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि हम दलित परिवार से हैं और आरोपी गांव के दबंग है। इसलिए पुलिस इस मामले को निपटाने में लगी हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अब पुलिस कह रही है कि पीड़िता की जीभ नहीं कटी थी और रीढ़ की हड्डी भी नहीं टूटी थी। पुलिस ने तो गैंग रेप किए जाने की भी पुष्टि नहीं की है और न ही हमें मेडिकल रिपोर्ट दी है।परिजनों ने कहा कि जब पुलिस ही हम पर अत्याचार करेगी तो हम इन दबंगों के बीच गांव में कैसे रह पाएंगे। हमारे पास अब यहां से पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री योगी से फोन पर बात कर कहा दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथरस कांड का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बातकर पूरे घटनाक्रम की जानकरी ली। पीएम मोदी ने सीएम योगी से पूरे मामले कठोरतम कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए नजीर बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी से हाथरस कांड को लेकर वार्ता हुई है। उन्होंने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट किया था, जिसमें मामले की जांच एसआईटी से कराने और प्रकरण के मुक़दमे को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का निर्देश दिया है।


