उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर में द ललित ग्रुप ऑफ होटल्स के लक्ष्मी विलास होटल को सरकार ने अपने कब्जे में लेने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इस संबंध में सीबीआई कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं और लक्ष्मी विलास होटल को सरकार की संपत्ति मानते हुए कब्जे में लेने के आदेश दिए हैं। इसी को लेकर आज बुधवार को संभागीय आयुक्त विकास एस भाले, कलेक्टर चेतन देवड़ा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लक्ष्मी विलास होटल पहुंचे और दस्तावेजी तौर पर कब्जा लेने की कार्यवाही शुरू की।
होटल की समस्त जानकारी लेने के लिए जिला प्रशासन ने लक्ष्मी विलास होटल में जिला परिषद के एसीईओ को नियुक्त कर दिया है।
सरकार ने 2002 में द ललित ग्रुप को मात्र 7.52 करोड़ रूपए में दे दिया था होटल
जानकारी के अनुसार 2002 में उदयपुर की बेशकीमती संपत्ति लक्ष्मी विलास होटल को सरकार ने द ललित ग्रुप ऑफ होटल्स को मात्र 7 करोड़ 52 लाख रूपए में दे दिया था। द ललित ग्रुप के इस विनिवेष को गलत मानते हुए उस समय से ही इसे रद्द करने की मांग उठने लगी थीं।
इसकी सीबीआई जांच के आदेश भी हुए थे। इस होटल की जमीन की कीमत ही 151 करोड़ आंकी गयी थी और द ललित ग्रुप के विनिवेश से पहले सरकार ने इस लक्ष्मी विलास होटल में ढाई करोड़ रूपए खर्च कर रिनोवेषन करवाया गया था। ऐसे में यह मांग उठी कि इस बेषकीमती संपत्ति को मात्र 7 करोड़ 52 लाख में देना गलत है। इसे रद्द किया जाए। लेकिन हर बार लोगों की आवाज को दबाया गया। लेकिन अब सीबीआई कोर्ट ने फैसला किया है और इसे सरकार की संपत्ति मानते हुए इसे कब्जे में लेने के आदेश किए हैं।


