जोधपुर (ARLive news)। राज्य सरकार ने डॉ. सम्पूर्णानन्द मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी विभाग के सह आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा को शहर के एक निजी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन करने के मामले में दोषी मानते हुए निलम्बित कर दिया है। संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने एमसीआई से डॉ. प्रदीप का लाइसेंस समाप्त करने को लेकर कार्यवाही करने को कहा है। इसके साथ ही भामाशाह योजना के तहत कुछ गड़बड़ियां करने के मामले एसीबी को उनके खिलाफ जांच करने के लिए भी पत्र लिखा है।
दरअसल डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने शहर में गीता भवन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में एक चार वर्षीय बच्चे का पथरी का ऑपरेशन किया गया था। जिसके अगले दिन बच्चे की तबीयत ख़राब हो गई। इसके बाद निजी अस्पताल ने बच्चे को एम्स में रैफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा से मामले की शिकायत की थी।
डॉ. समित शर्मा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जोन डायरेक्टर के नेतृत्व में एक कमेटी बनाकर जांच शुरू की । कमेटी की जांच रिपोर्ट में डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा को दोषी पाया गया। इसके बाद संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी। राज्य सरकार ने डॉ. प्रदीप का कृत्य लोक सेवक के आचरण के नियमों के विपरीत मानते हुए उन्हें निलम्बित कर दिया। और उनका मुख्यालय जयपुर कर दिया गया।


