मुंबई,(ARLive news)। अडाणी समूह मुंबई हवाईअड्डे में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदेगा। अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी की अगुवाई वाले समूह ने सोमवार को कहा कि वह करार के तहत मुंबई हवाईअड्डे में मौजूदा प्रवर्तक जीवीके समूह की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा। इसके अलावा वह छोटे भागेधारों की हिस्सेदारी भी खरीदेगा।
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा गया है कि अडाणी समूह मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लि़. (मायल) में जीवीके एयरपोर्ट डेवलपर्स लि. की 50.50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के अलावा एयरपोर्ट्स कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका (एसीएसए) तथा बिडवेस्ट ग्रुप की 23.5 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी करेगा। इसके लिए उसे प्रतिस्पर्धा आयोग की स्वीकृति मिल गयी है। मायल में 74 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी के अधिग्रहण के साथ अडाणी समूह देश का सबसे बड़ा निजी हवाईअड्डा परिचालक हो जाएगा।
गौतम अडाणाी (58) ने ट्वीट किया, ‘मुंबई सपनों का शहर है। यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हमें धरती पर सबसे शानदार महानगर के हवाई यात्रियों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है।’
देश के 6 एयरपोर्ट का परिचालन अधिकार पहले ही अडानी समूह को मिल चुका है
समूह सरकार की ओर से निकाली गई निविदा में पहले ही छह गैर-महानगर हवाईअड्डों…लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, अहमदबाद, तिरुवनंतपुरम और मेंगलूर के परिचालन का अधिकार मिल चुका है। देश के ज्यादातर हवाईअड्डों का परिचालन सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) करता है। सूचना में कहा गया है कि अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लि. (एएएचएल) ने मायल में जीवीके एयरपोर्ट डेवलपर्स लि. (एडीएल) के ऋणों की जिम्मेदारी लेने का करार किया है। इस ऋण को परस्पर सहमति वाली शर्तों के साथ इक्विटी में बदला जाएगा। दोनों कंपनियों ने अडाणी द्वारा ऋण के अधिग्रहण तथा इसे इक्विटी में बदलने की शर्तों का ब्योरा नहीं दिया है।
वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए मजबूत निवेशक की जरूरत थी
जीवीके के संस्थापक एवं चेयरमैन जीवीके रेड्डी ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी से विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस महामारी से यह क्षेत्र कई साल पीछे चला गया है। इससे मायल की वित्तीय स्थिति भी प्रभावित हुई है।’ रेड्डी ने कहा, ‘इन परिस्थतियों में मायल की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए एक जल्द से जल्द एक वित्तीय रूप से मजबूत निवेशक लाने की जरूरत थी।


